आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों जैसे खोया, घी, पनीर, छेना, क्रीम आदि के निर्माण एवं विक्रय में उनकी मूल प्रकृति से भिन्न बाहरी पदार्थों के सम्मिश्रण पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिलाधिकारी देवरिया के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जनपद में प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय पर लगातार निगरानी की जा रही है। प्रतिबंधित पदार्थों का निर्माण या विक्रय पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में सहायक आयुक्त (खाद्य)-II हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गरुड़पार स्थित राजू पनीर प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पनीर निर्माण में किसी प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ का प्रयोग होता नहीं पाया गया। प्रतिष्ठान में साफ-सफाई की व्यवस्था में सुधार के लिए संबंधित को नोटिस जारी किया गया। वहीं पनीर में मिलावट की आशंका के दृष्टिगत नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। इसी क्रम में बरहज तहसील स्थित फूड जंक्शन रेस्टोरेंट से भी पनीर का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
इसके अतिरिक्त बार-बार गर्म कर प्रयोग किए जाने वाले खाद्य तेलों की गुणवत्ता की जांच और खाद्य कारोबारियों को जागरूक करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिला अस्पताल एवं महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित धीरज, मीना, रुक्मिणी, नूरजहां, सर्वेश एवं संजीव मद्धेशिया के खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल किए जा रहे खाद्य तेलों की जांच की। जांच के लिए DOM-24 मशीन का प्रयोग किया गया। धीरज के प्रतिष्ठान में प्रयुक्त खाद्य तेल मानक के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसे मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
इस दौरान खाद्य कारोबारियों को खाद्य तेल को बार-बार गर्म कर इस्तेमाल न करने तथा खाद्य तेल की गुणवत्ता बनाए रखने के संबंध में जागरूक किया गया।
जांच टीम में प्रेम चंद्र, श्रीराम यादव, घनश्याम वर्मा, राम सिंगार यादव, राजू पाल एवं नेहा त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे।








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