चंडीगढ़। पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर ईवीएम और बैलेट पेपर के बी हाईकोर्ट के आदेश से पंजाब निकाय चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान च चल रहा विवाद मई 2026 में हाईकोर्ट तक पहुंचा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग के बैलेट पेपर से चुनाव कराने के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत के फैसले के बाद पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों में ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स से मतदान का रास्ता साफ हुआ।
मामले में याचिकाकर्ताओं ने चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल की मांग की थी। उनका तर्क था कि बैलेट पेपर से मतदान कराने का निर्णय कानून और सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी और इस स्तर पर उसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद कानून के अनुसार चुनाव याचिका दायर करने की स्वतंत्रता भी दी।
इसके बाद मामले को सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई, लेकिन 25 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। इस तरह पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों में बैलेट पेपर के इस्तेमाल का फैसला बरकरार रहा।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह आदेश पूरे देश में सभी चुनावों के लिए EVM खत्म करने का आदेश नहीं है। यह मामला पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों से संबंधित था। देश के विधानसभा और लोकसभा चुनावों में EVM-VVPAT व्यवस्था लागू है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार EVM और VVPAT चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और वोट की पुष्टि के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा करना कि “अब पूरे देश में EVM से चुनाव नहीं होंगे” भ्रामक होगा। वास्तविकता यह है कि हाईकोर्ट का फैसला पंजाब के स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ा है।







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