लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से कराने की मांग को लेकर लखनऊ में धरना दे रहे ग्राम प्रधानों और प्रधान पद के संभावित प्रत्याशियों के बीच पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। धरना दे रहे प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मिलने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव को लेकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने धरना दे रहे प्रधान प्रत्याशियों से बातचीत के दौरान स्पष्ट संकेत दिया कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावना नहीं है। उन्होंने प्रधान पद के दावेदारों से आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार और भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करने की अपील भी की।
इस बयान के बाद पंचायत चुनाव की समय-सारिणी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। ग्राम प्रधान और संभावित प्रत्याशी लंबे समय से पंचायत चुनाव समय पर कराने और आरक्षण प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग कर रहे हैं।
धरना दे रहे प्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद समय पर चुनाव होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। उनका तर्क है कि चुनाव में देरी से गांवों के विकास कार्यों और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।
हालांकि, पंचायत चुनाव की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। इसलिए 2027 विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव होने की बात को फिलहाल राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो पंचायत चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव के बाद, अगले वर्ष जुलाई के आसपास होने की संभावना जताई जा रही है।
अब सभी की नजर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा पर है।







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