ब्रेकिंग—देवरिया
देवरिया जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुई वित्तीय अनियमितताओं का बड़ा मामला सामने आया है। सलेमपुर, बनकटा और बैतालपुर ब्लॉक की 36 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2018-19 के विकास कार्यों से संबंधित ऑडिट में करीब 6.25 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है। मामले के सामने आने के बाद पंचायत विभाग में हड़कंप मच गया है।
जांच और ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर 10 ग्राम पंचायत सचिवों को निलंबित किया गया है। वहीं जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) रतन कुमार को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। अधिकारियों के स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार सलेमपुर ब्लॉक में सचिव रहे मो. उमैर पर करीब 1.23 करोड़ रुपये, जबकि नागेश सिंह पर करीब 93 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। इसी तरह सचिव मेहताब आलम पर 85 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता का आरोप है।
मो. उमैर के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। बताया जा रहा है कि वह वर्तमान में ADO के पद पर तैनात हैं। मामले में विभागीय स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने कहा है कि वित्तीय अनियमितताओं की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले अन्य दोषियों को भी किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए आवंटित धनराशि के उपयोग को लेकर सामने आई इस बड़ी गड़बड़ी ने पंचायत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें आगे होने वाली जांच और शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।







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