प्रयागराज!
हाईकोर्ट प्रयागराज ने एक अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा होता है और ग्राम प्रधान उसकी शिकायत या कार्रवाई नहीं करते हैं, तो उन्हें भी इसके लिए जवाबदेह माना जाएगा।
कोर्ट ने ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधानों को पद से हटाने का निर्देश दिया है।
यह आदेश ग्राम पंचायत स्तर पर हो रहे भूमि कब्जों को रोकने के लिए बेहद सख्त और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
हाई कोर्ट के इस निर्णय से प्रदेश के ग्राम पंचायत चुनावों से पहले हड़कंप मचा हुआ है।
अब ग्राम प्रधानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी पंचायत में किसी भी प्रकार की सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा न हो
अन्यथा उनके पद पर संकट आ सकता है।
वही ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से सरकारी जमीनों पर हो रहे कब्जों को लेकर लगातार शिकायतें उठती रही हैं।
कोर्ट का यह आदेश उन शिकायतों को देखते हुए आया है और इससे अब प्रशासनिक जवाबदेही के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी भी तय हो गई है।
*👉 मुख्य बिंदु:
सार्वजनिक भूमि पर कब्जे की शिकायत न करने वाले ग्राम प्रधान भी जिम्मेदार।
हाई कोर्ट ने ऐसे प्रधानों को पद से हटाने का आदेश दिया।
पंचायत चुनाव से पहले आदेश को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







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