*बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में कारागार प्रशासन की पहल*
*देवरिया(सू0वि0) 24 मार्च।*
जेल अधीक्षक प्रेमसागर शुक्ला ने बताया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की "सेवा, सुरक्षा व सुशासन" नीति के आठ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिला कारागार देवरिया के बंदियों द्वारा ओ.जे.ओ.पी. के अंतर्गत निर्मित सजावटी वस्तुओं एवं डिस्पोजेबल बैग की प्रदर्शनी 25 मार्च 2025 को राजकीय इंटर कॉलेज, देवरिया में आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं के साथ-साथ कारागार में किए जा रहे सुधारात्मक प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदर्शनी में कारागार में चल रहे शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्रमुखता दी जाएगी। निरक्षर बंदियों को शिक्षित करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई-कढ़ाई, डाटा एंट्री, इलेक्ट्रिशियन, कृषि, ब्यूटीशियन, सजावटी वस्तुएं और डिस्पोजेबल बैग निर्माण जैसी प्रशिक्षण गतिविधियों को दर्शाया जाएगा।
कारागार में बंदियों के स्वास्थ्य के प्रति की जा रही पहल को भी प्रदर्शनी में शामिल किया जाएगा। FSSAI प्रमाण-पत्र प्राप्त भोजन व्यवस्था, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सा सुविधाएं और हेल्थ ए.टी.एम. की कार्यप्रणाली, जो 120 से अधिक स्वास्थ्य मापदंडों की जांच करने में सक्षम है, को विस्तार से दिखाया जाएगा। इसके अलावा, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए कारागार में किए जा रहे प्रयासों को भी प्रदर्शनी में दर्शाया जाएगा, जिसमें योग, ध्यान, नैतिक प्रवचन और राष्ट्रीय एकता कार्यक्रम प्रमुख होंगे। पर्यावरण संरक्षण के प्रति कारागार की प्रतिबद्धता को भी इस प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया जाएगा। क्लीन जेल, ग्रीन जेल अभियान के तहत सिंगल-यूज प्लास्टिक प्रतिबंध, कपड़े के डिस्पोजेबल बैग निर्माण, जल संरक्षण उपाय और हरियाली बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को इसमें शामिल किया जाएगा।
विधिक सहायता के तहत बंदियों को लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से दी जाने वाली सहायता और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उनके पुनर्वास के लिए उठाए गए कदमों को भी प्रदर्शनी में दर्शाया जाएगा।
इसके अलावा, कृषि क्षेत्र में बंदियों की आत्मनिर्भरता को दर्शाने के लिए जेल परिसर में की जा रही सब्जी उत्पादन की प्रक्रिया, मनोरंजन और खेलकूद से जुड़े कार्यक्रम, नशामुक्ति अभियान के तहत किए जा रहे प्रयास और ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय (देवरिया) द्वारा आयोजित प्रवचनों की झलक भी प्रदर्शनी में देखने को मिलेगी।
महाकुंभ 2025 के अवसर पर बंदियों को आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने के लिए संगम प्रयागराज से मंगाए गए गंगाजल से कराए गए अमृत स्नान की झलक भी इस प्रदर्शनी में प्रस्तुत की जाएगी।
यह प्रदर्शनी आमजन को न केवल बंदियों के हुनर और सुधारात्मक गतिविधियों से परिचित कराएगी, बल्कि कारागार प्रशासन द्वारा किए जा रहे पुनर्वास प्रयासों की भी व्यापक जानकारी देगी।






0 comments:
एक टिप्पणी भेजें