*आदर्श आचार संहिता के प्राविधानो की दी विस्तृत जानकारी
देवरिया। जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट के सभागार में जनपद के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने प्रतिनिधियों को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों से अवगत कराते हुए आदर्श आचार संहिता के दायरे में रहकर ही चुनाव में प्रचार-प्रसार करने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने आदर्श आचार संहिता के प्राविधानो की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि प्रशासन लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष, स्वतंत्र व शांतिपूर्ण ढंग से कराने को लेकर कटिबद्ध है। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का आह्वान करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों का बारीकी से अध्ययन करते हुए स्वयं पालन करें और अपने कार्यकर्ताओं को भी पालन करने का निर्देश दें। कोई भी दल या अभ्यर्थी ऐसी किसी गतिविधि में शामिल नही होगा, जिससे भिन्न जातियों और धार्मिक या भाषाई समुदायों के बीच विद्यमान मतभेद अधिक गंभीर हो सकते है। दलों एवं अभ्यर्थियों को अन्य दलों के नेताओं या कार्यकर्ताओं की सार्वजनिक गतिविधियों से असंबद्व निजी जीवन के सभी पहलुओं की आलोचना करने से बचना होगा। मस्जिदों, चर्चो, मंदिरों और पूजा के अन्य स्थलों को निर्वाचन प्रचार के मंच के रुप में प्रयुक्त नही किया जायेगा। अभ्यर्थी ऐसे गतिविधियों से ईमानदारी से परहेज करेंगे जो निर्वाचन विधि के अधीन भ्रष्ट आचरण एवं अपराध है जैसे कि मतदाताओं को धन देना, मतदाताओं को डराना-धमकाना, मतदाताओं के प्रतिरुपण मतदान केंद्रों से 100 मीटर की दूरी के अतर्गत प्रचार करना, मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय के समाप्त होने वाले 48 घटों की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाए आयोजित करना और मतदाताओं को मतदान केन्द्रों तक ले जाने और वापस लाने के लिए परिवहन और वाहन उपलब्ध कराना। किसी भी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी भूमि, भवन, परिसर की दीवारों इत्यादि पर झंडा लगाने, बैनर लटकवाने, सूचना चिपकाने, नारा लिखने इत्यादि की अनुमति नही देगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित सभाओं और जुलूसों में बाधा खड़ी नही करेंगे या उन्हें भंग नहीं करेंगे। किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता या समर्थक अन्य राजनीतिक दल द्वारा आयोजित सार्वजनिक सभा में मौखिक या लिखित रूप में सवाल पूछकर या अपने दल के पर्चे बाँटकर बाधा उत्पन्न नहीं करेंगे। किसी दल द्वारा उन स्थानों के आसपास जुलूस न निकाला जाए जहाँ अन्य दल की सभाएं आयोजित हो रही हैं। किसी दल के कार्यकर्ता अन्य दल के कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए पोस्टर नहीं हटाएंगे। दल या अभ्यर्थी स्थानीय पुलिस प्राधिकारियों को किसी भी प्रस्तावित सभा के स्थल और समय के बारे में काफी पहले से सूचित करेंगे ताकि पुलिस यातायात को नियंत्रित करने और शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था कर सके। दल या अभ्यर्थी अग्रिम रूप से सुनिश्चित करेगा कि क्या सभा के लिए प्रस्तावित स्थल पर कोई रोक या निषेधाज्ञा लागू तो नहीं है और यदि ऐसे आदेश मौजूद है तो उनका कड़ाई से पालन किया जाएगा। यदि ऐसे आदेशों से किसी रियायत की आवश्यकता हो तो अग्रिम रूप से इसके लिए आवेदन किया जाएगा और प्राप्त किया जाएगा। जुलूस का आयोजन करने वाला दल या अभ्यर्थी जुलूस शुरू करने का स्थान और समय, अनुगमन किए जाने वाले मार्गों और जुलूस समाप्त होने का स्थान और समय पहले से ही तय करेगा। साधारण तौर पर कार्यक्रम में कोई परिवर्तन नहीं होगा। किसी भी राजनीतिक दल या अभ्यर्थी द्वारा अन्य राजनीतिक दलों के सदस्यों या उनके नेताओं को निरूपित करने वाले पुतले ले जाने जनता के बीच इन पुतलों को जलाने और इस तरह के अन्य प्रकार के प्रदर्शन का समर्थन नहीं किया जाएगा। सभी राजनीतिक दल और अभ्यर्थी शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित मतदान और मतदाताओं को किसी भी तरह से परेशान किए बिना या कोई अडचन पैदा किए बिना उन्हें अपने मताधिकार का उपयोग करने की पूरी स्वतंत्रता का सुनिश्चय करने के लिए निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ सहयोग करेंगे। अपने प्राधिकृत कार्यकर्ताओं को उचित बैज और पहचान पत्र प्रदान करेंगे। इस बात पर सहमति देंगे कि उनके द्वारा मतदाताओं को प्रदान की गई पहचानपर्ची सादे (सफेद) कागज पर होगी और उस पर कोई प्रतीक अभ्यर्थी का नाम या दल का नाम नहीं होगा। मतदान के दिन और इससे अड़तालीस घंटे पहले शराब देने या बाटने से दूर रहेंगे। राजनीतिक दलों और अभ्यर्थियों द्वारा मतदान बूथों के पास लगाए गई शिविरों के निकट अनावश्यक भीड़ इकट्ठा नहीं होने देंगे ताकि दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों और अभ्यर्थियों के मध्य टकराव और तनाव से बचा जा सके।
डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि सभी आदर्श आचार संहिता के दायरे में रहते हुए सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त करने के बाद ही प्रचार-प्रसार का कार्य करें। प्रचार-प्रसार के दौरान ऐसा कोई कार्य न करें जिससे किसी व्यक्ति अथवा समुदाय की भावना को ठेस न पंहुचें। डीएम ने कहा कि सभी सरकारी मशीनरी को पूरी निष्पक्षता के साथ चुनाव कार्य को संपन्न कराने में लगा दिया गया है।
डीएम ने बताया कि चुनाव में सि-विजिल एप पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य होगा। इस एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रीयल टाइम तस्वीर अथवा वीडियो अपलोड करेगा जिसका 100 मिनट की समयसीमा में निस्तारण अनिवार्य होगा। सि-विजिल एप पर पुराने वीडियो या तस्वीर अपलोड करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। फ्लाइंग स्क्वायड टीम अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमणशील रहेगी और सि-विजिल एप पर प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करेगी। जनपद में विधानसभावार तीन-तीन एफएसटी टीमों का गठन किया गया है, जो शिफ्टवार सक्रिय रहेगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन की अधिसूचना का दिनांक 7 मई, नाम निर्देशन की अंतिम तिथि 14 मई, नाम निर्देशनों की संवीक्षा 15 मई, नाम वापसी की अंतिम तिथि 17 मई, मतदान की तिथि 01 जून, मतगणना की तिथि 04 जून तथा वह दिनांक जिसके पूर्व निर्वाचन पूर्ण कर लिया जायेगा 06 जून निर्धारित है।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, बीजेपी से डा गंगा शरण पाण्डेय, कांगेस पार्टी से अशोक कुशवाहा एवं संजय यादव, जिला प्रभारी बसपा सन्तोष कुमार, आम आदमी पार्टी से हरिनारायण चौहान, मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी से जयप्रकाश यादव, जिलाध्यक्ष सपा व्यास यादव, जिला उपाध्यक्ष सपा छेदी लाल यादव, जिलाध्यक्ष अपना दल रविंदर पटेल आदि मौजूद रहे।









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