देवरिया में पांच दिन पहले पढ़ने के लिए स्कूल गए छात्र का शव गंडक नदी में उतारता मिला। शव की शिनाख्त होने के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। विधायक रामपुर कारखाना सुरेन्द्र चौरसिया ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।
जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र के सरौरा गांव निवासी अच्छेलाल प्रसाद का पुत्र बुलबुल (13 वर्ष) सातवीं कक्षा का छात्र था। 28 अगस्त को वह घर से गांव के ही एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने गया था। बुलबुल स्कूल बैग विद्यालय में ही छोड़कर अन्य छात्रों के साथ बेलवनिया उर्फ हासिमचक में डीह बाबा का मेला देखने चला गया। वहां से घर फोन कर बताया कि मैं बेलवनिया आ गया हूं। बुलबुल को शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजन परेशान हो गए और उसे ढूंढने लगे, लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चला।
गुजरात में काम कर रहे पिता अच्छे लाल भी सूचना पाते ही 29 अगस्त को गुजरात से घर के लिए रवाना हो गए। शनिवार को गंडक नदी के बेलवनिया गांव के सामने ग्रामीणों ने नदी में शव उतराता देखा। इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। स्थानीय गोताखोरों के सहयोग से शव को बाहर निकाला गया तो उसकी शिनाख्त बुलबुल के रूप में हुई। उसका जूता नदी के किनारे पर मिला। 5 दिन पूर्व गायब बुलबुल नदी तक कैसे पहुंचा यह एक पहेली बना हुआ है। बुलबुल का शव मिलने की सूचना पर मां बिंदु देवी और भाईयों का रो -रो कर बुरा हाल है। बरियारपुर थानाध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले लापता छात्र बुलबुल का शव नदी में ही उतराता हुआ पाया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल पाएगा।







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