Good Daily News...


शुक्रवार, 17 जून 2022

अग्निपथ स्कीम सेना के निजीकरण का प्रयास है'

*'

जी हां !....

यदि कुछ ही शब्द में इसका विश्लेषण करना हो तो उपरोक्त वाक्य बिलकुल सही है !

आप जो सोच रहे हैं न कि 4 साल बाद जो अग्निवीर सेना से रिटायर होकर बाहर निकलेगा 

उसके सामने क्या विकल्प होगा! 

तो अपने दिलोदिमाग की खिड़कियां जरा खोल लीजिए!...... 

अगले चार पांच सालो में देश के अधिकांश पीएसयू बिक चुके होंगे

 सैकड़ों एकड़ में फैले हुए इनके परिसर की देखभाल का जिम्मा 

जो अभी सरकारी एजेंसियो के जिम्मे है वो बड़े प्रायवेट ऑपरेटर्स के पास चला जायेगा......

-बड़े प्रायवेट ऑपरेटर्स यानि अडानी अम्बानी

आप भी सोचिए कि आखिरकार उन्हे भी तो यंग और ट्रेंड लड़ाको की जरूरत पड़ेगी न 

क्योंकि उन्हें अपना साम्राज्य बचाना है...... 

-शुरआती चार पांच सालो में जितने भी अग्निवीर रिटायर होंगे वहीं खप जाएंगे !

अडानी अम्बानी को भी तो अपनी प्रायवेट आर्मी बनानी है......

जी हां प्रायवेट आर्मी !

 *यह दशक खत्म होते होते यह सब आप देखने वाले है.......

प्राइवेट आर्मी को देश की सरकार ठेके देगी,

 संभवत यह आपको गृह मंत्रालय के अंतर्गत भी काम करते हुऐ नजर आएंगे..... 

सब तैयारी हो चुकी है ....

इस योजना के ड्राफ्ट बन चुके है उत्तर प्रदेश में इसे जल्द ही इंप्लीमेंट किया जाना है......

विदेश में यह कॉन्सेप्ट बहुत पहले ही आ चुका है 

यह अग्नि वीर आगे चलकर भाड़े के सैनिक बनेंगे, 

'भाड़े या किराए के सैनिक को अंग्रेजी मे mercenaries कहा जाता हैं,

 बीसवीं शताब्दी से पहले इनका एक अलग ही इतिहास रहा है कभी और इस विषय पर चर्चा करेंगे

दुनियाभर में जब भी युद्ध होते हैं तो कई देश किराए की सेना का सहारा भी लेते हैं। 

'साल 2020 में प्रकाशित सीएसआईएस की रिपोर्ट के मुताबिक,

 शीत युद्ध के बाद, देश की सरकार और गैर सरकारी संस्थानों में प्राइवेट सिक्यूरिटी कंपनी (पीएससी) और प्राइवेट मिलिट्री कंपनी (पीएमसी) की मांग में तेजी आई. 

ये 'मिलिशिया (पार्ट टाइम सैनिक या नागरिक सेना) आमतौर पर ‘फ्रीलांस सैनिक’ होते हैं.'

ये सस्ते और अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम देते हैं. 

ऐसा इसलिए, क्योंकि इनकी छोटी संख्या को किसी खास मिशन पर भेजा जा सकता है. 

इसके साथ ही, इस तरह के ग्रुप की जवाबदेही कम होती है.

अग्निवीर भी इसी कॉन्सेप्ट के आधार पर बनाई गई योजना है और एक तरह से यह सब न्यू वर्ल्ड आर्डर का हिस्सा है

अभी जो 'युक्रेन में युद्ध ,चल रहा है वहा भी 'पुतिन द्वारा रूस की प्राइवेट सैन्य कंपनी वैगनर ग्रुप, के सैनिक, 

यूक्रेन की राजधानी में तैनात किए गए हैं

युद्ध में 'प्राइवेट आर्मी की मदद लेने की शुरुवात इराक युद्ध में हुई......'

 इराक के खिलाफ 'अमेरिका ने किराए की सेना का इस्तेमाल किया था।,

 अमेरिकी सरकार ने इसमें 'प्राइवेट सैन्य कंपनी ब्लैक वाटर, का सहारा लिया और बाद में उन्हें वहा तैनात भी किया
 
ब्लैकवाटर के सैनिकों के पास 

पॉल स्लॉग, 

इवेन लिवर्टी, 

डस्टिन हर्ड और 

निकोलस स्लाटर मशीन गन, 

ग्रेनेड लॉन्चर जैसे हथियार और स्नाइपर से लैस एक बख्तरबंद काफिला था। 

*यानि वो सारी सुविधाएं और आर्टलरी* थी 

जिनका सेना इस्तेमाल करती है

 इस काफिले ने इराक की राजधानी बगदाद में निसौर चौर पर निहत्थे और निर्दोष लोगों पर गोलियां बरसाईं थीं।

 इस घटना में दो बच्चों समेत 17 लोगों की मौत हो गई थी। 

इस घटना पर बहुत हल्ला मचा और इस मामले की जांच की गई 

जांच में यूएस फेडरल कोर्ट ने 2014 में ब्लैक वाटर कंपनी के 4 गार्ड्स को दोषी पाया था और सजा सुनाई थी।

 लेकिन दिसंबर 2020 में अमेरिकी *राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन चार दोषियों को माफी दे दी,

अमेरिकी कोर्ट ने ब्लैकवाटर को प्रतिबंध लगा दिया था 

इस प्रतिबंध के बाद कंपनी ने अपना नाम बदल कर एक्सई सर्विस* रख लिया है. 

आज भी यह प्राइवेट सेना अपनी सर्विसेस दे रही है........

अब आप समझ ही गए होंगे कि 

आगे जाकर अग्नि वीर सैनिक क्या करेंगे और अग्निपथ योजना किस चिड़िया का नाम है,


 दरअसल यह सब न्यू वर्ल्ड आर्डर का हिस्सा है !......

*गिरीश मालवीय*
Share:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Featured Post

कोई बच्चा पोलियो की खुराक से न रहे वंचित: शशांक मणि

  -पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज से निकाली गई जन जागरूकता रैली  देवरिया, 28 जून 2026।राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत शनिवार को जिले में पीए...

Definition List

Business

Unordered List

Technology

Support

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit.

Our Company Inc. 1238 S . 123 St.Suite 25 Town City 3333 Phone: 123-456-789 Fax: 123-456-789