संचालित योजनाओं का लाभ पात्रो तक प्राथमिकता के साथ पहुंचाये जाने के दिए निर्देश
शिथिलता के लिए किया आगाह
देवरिया 17 मई। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रोबेशन विभाग की समीक्षा के दौरान कहा है कि प्रोबेशन विभाग से जुडी योजनाओं में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किए जाये तथा इन योजनाओं में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिये सभी जुडे विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुॅचाये, इसमें शिथिलता कदापि बर्दाश्त नही की जायेगी।
जिलाधिकारी श्री सिंह ने ‘‘उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ की समीक्षा में कहा कि इस योजना में संवेदनशीलता बरतने की जरुरत है तथा जो भी आवेदन आये उसकी औपचारिकताओं को प्रोबेशन विभाग पूर्ण कराने में अपना योगदान दें।
उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजनाः-
इस योजना की प्रगति समीक्षा में कुल 365 बच्चों के आवेदन प्रथम व द्वितीय श्रेणी के स्वीकृत है, जिसके सापेक्ष 265 बच्चो को लाभान्वित किया जा चुका है। इस योजना के तहत कोविड-19 से जिन बालक/बालिकाओं के माता व पिता दोनो की मृत्यु हो गयी है, वे प्रथम श्रेणी के तथा जिसके माता अथवा पिता में से किसी एक जीवित एवं एक की मृत्यु हुई है वे द्वितीय श्रेणी के पात्र आवेदक है। माह अप्रैल में 90 बालक/बालिकाओं का अनुमोदन जिला टास्क फोर्स से प्राप्त हुआ है। बजट डिमाण्ड की गयी है। प्राप्ति उपरान्त इन्हे भी लाभान्वित किया जायेगा।
उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्यः-
इस योजना के अन्तर्गत कुल 87 बालक/बालिकाओं की स्वीकृति माह अप्रैल में जिला टास्क फोर्स द्वारा की गयी है। बजट डिमाण्ड किया गया है। आवंटन प्राप्त होने पर इन्हे लाभान्वित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजनाः-
इस योजना के अन्तर्गत अब तक 42792 आवेदन प्राप्त हुए है, जिसमें से 24829 पात्र आवेदन पाये गये। विभिन्न स्तरो से 15395 आवेदन औपचारिकताओं के आभाव में अस्वीकृत किये गये तथा 18872 लाभार्थियों को इससे आच्छादित किये गये है। इस योजना के तहत विभिन्न स्तरो पर यथा खंड शिक्षा अधिकारी स्तर पर 64, विकास खंड स्तर पर 157, उप जिलाधिकारी स्तर पर 330 एवं जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर 20 आवेदन लम्बित पाये गये। जिलाधिकारी ने इन सभी विभागो को लम्बित आवेदन पत्रो का सत्यापन/निस्तारण यथाशीघ्र किये जाने के निर्देश दिये।
निराश्रित महिला पेंशन योजनाः-
इस योजना के तहत जनपद में 42073 निराश्रित महिलाओं को पेंशन पति के मृत्यु उपरान्त दी जा रही है। विकास खंड स्तर पर 95 आवेदन तथा उप जिलाधिकारी स्तर पर 169 नये आवेदन जांच हेतु लम्बित है। जिलाधिकारी ने इन सभी लम्बित आवेदनो का सत्यापन संबंधित अधिकारियों को किये जाने के निर्देश दिए।
उ0प्र0 रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोषः-
वर्तमान तक इस योजना अन्तर्गत 141 प्रकरण आये, जिसमें से 139 प्रकरणों को निस्तारित कर दिया गया है। एक-एक प्रकरण चिकित्साधिकारी स्तर एवं नोडल पुलिस अधिकारी स्तर पर लम्बित है। लम्बित प्रकरणों को शीघ्रता के साथ निस्तारित किये जाने के निर्देश दिए गए। जिला संचालन समिति द्वारा 78 आवेदनो को क्षतिपूर्ति प्रदान किये जाने हेतु अपनी संस्तुति प्रदान की गयी है, जिसमें से 13 का भुगतान पीडिताओं के बैंक खातो में अंतरित हो चुका है, शेष का भुगतान निदेशालय द्वारा प्रक्रियाधीन है।
पीएम केयर्स फार चिल्ड्रेन योजनाः-
जनपद में संचालित पीएम केयर्स फार चिल्ड्रेन योजना के अन्तर्गत पात्र 09 बालक/बालिकाओं का बैंक खाता पोस्ट आफिस में खोला गया है तथा उनके खाते में धनराशि भी अंतरित कर दी गयी है। उनके आयुष्मान कार्ड भी बनाये गये है। भारत सरकार द्वारा सूचना प्राप्त होने के उपरान्त उनके बैंक पासबुक एवं आयुष्मान कार्ड कार्यक्रम आयोजित कर प्रदान किये जायेगें। इस योजना के तहत कुल 24 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 9 आवेदक ही पात्र पाये गये।
प्वर्तकत्ता योजना(स्पॉन्सरशिप)ः-
भारत सरकार द्वारा सहायतित इस योजना में 25 लाभार्थी चयनित है, जो निराश्रित/अनाथ श्रेणी के है, जिन्हे प्रति माह रुपये 2 हजार की दर से धनराशि उनके बचत खाते में वर्ष 2021-22 में चिन्हित इन लाभार्थियों को बैंक खातो में धनराशि अंतरित की गयी है। वर्तमान वर्ष में बजट प्राप्त होने पर आच्छादित बालक/बालिकाओं को लाभान्वित किया जायेगा।
इसी प्रकार प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं यथा- बेटी बचाओ-बेटी पढाओं योजना, जेजेएक्ट, घरेलू हिंसा अधिनियम आदि की गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर द्वारा सभी कार्य योजनाओं की एजेन्डा बिन्दुओं की प्रगतियों को प्रस्तुत किया गया।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन कुंवर पंकज, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सोनकर, सीएमएस डा एएम वर्मा, डिप्टी सीएमओ डा संजय चन्द्र, बाल संरक्षण अधिकारी जेपी तिवारी, बीएसए सन्तोष राय, डीपीओ केके राय, वन स्टाप सेन्टर की नीतू भारती, मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी आदि उपस्थित रहे






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