वाराणसी। दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित करने व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) की अदालत ने यह आदेश उस्मानपुरा, जैतपुरा निवासी अमीनुद्दीन अंसारी की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद जैतपुरा पुलिस को दिया। साथ ही एक सप्ताह में रिपोर्ट भी न्यायालय में पेश करने का निर्देश दिया।
प्रकरण के अनुसार अमीनुद्दीन अंसारी ने अपने अधिवक्ता अनुज यादव व मेराज फारूकी जुग्गन के जरिये दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। प्रार्थना पत्र में आरोप था कि उसकी पुत्री का विवाह कमालपुर, जैतपुरा निवासी अबरार आलम पुत्र आफताब आलम के साथ 13 दिसंबर 2018 को हुआ। शादी के कुछ दिन बाद से ही पति अबरार आलम, ससुर आफताब, सास सगुफा, ननद रुबीना व शमीना उसकी पुत्री को दहेज में मिले सामान को घटिया बताते हुए उसे परेशान करने लगे। पति आफताफ आलम ने वादी से 20 लाख रूपये यह कहते हुए लिये कि वह कारोबार सही होने के बाद वादी को वापस कर देगा। वादी से लिए 20 लाख रूपये लौटाने के लिए जब वादी की पुत्री ने विपक्षीगण से कहा तो वे लोग वादी की पुत्री को मिलकर मारे-पीटे और उसके सारे जेवरात लेकर उसे घर से निकाल दिये। साथ ही ससुर आफताफ आलम ने वादी की पुत्री के साथ कई बार दुष्कर्म किया। इसके साथ ही उनलोगों ने 24 जून 2021 को विपक्षीगण अन्य लोगों के साथ प्रार्थी के घर में घुसकर गाली गुप्ता दिये तथा वादी व उसकी पुत्री को मारा पीटा व जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में उसने स्थानीय थाने व उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन जब कोई कारवाई नहीं हुई तो उसने अदालत की शरण ली।






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