*काउंसलिंग कर शिक्षा, सुरक्षा एवं शासकीय योजनाओं से जोड़ने की पहल*
देवरिया 22 अगस्त। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने भागलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम इशारु में माता-पिता एवं भाई की मृत्यु के बाद बेसहारा हुई पांच बालिकाओं को भरण-पोषण सहित शासन द्वारा संचालित अन्य योजनाओं से लाभान्वित किए जाने के प्रति संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि टीम मौके पर जाकर परिवार की वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त करे तथा पात्रता के अनुसार आईसीडीएस, जिला प्रोबेशन एवं महिला कल्याण विभाग की योजनाओं से बालिकाओं को आच्छादित करते हुए उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं महिला एवं बाल कल्याण समिति की टीम ग्राम इशारु पहुंची और परिवार की स्थिति की जानकारी लेकर पात्रता के अनुसार विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल की।
विकास खण्ड भागलपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत इशारु में एक अत्यंत संवेदनशील परिवार का संज्ञान लिया गया, जिसमें माता-पिता एवं भाई की मृत्यु के उपरान्त पांच बालिकाएं कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रही हैं। परिवार में चार नाबालिग बालिकाएं तथा एक बालिग बालिका है। प्रकरण की जानकारी प्राप्त होने पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। इसके क्रम में वन स्टॉप सेंटर एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर बालिकाओं से मुलाकात की तथा उनकी पारिवारिक एवं आर्थिक स्थिति की जानकारी प्राप्त की। स्थलीय भ्रमण के दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि बालिकाओं में पिता की लगभग 05 वर्ष पूर्व बीमारी के कारण मृत्यु हो चुकी थी तथा भाई की भी लगभग 03 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी। परिवार की एकमात्र सहारा माता थीं, जिनकी लगभग 10 दिन पूर्व मृत्यु हो गई। बालिकाओं के माता की मृत्यु के बाद पांचों बालिकाएं अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन कर रही हैं।
बालिकाओं में पुष्पा उम्र 21 वर्ष कक्षा 10वीं, दुर्गा उम्र 16 वर्ष कक्षा 8वीं, देववंती उम्र 14 वर्ष कक्षा 8वीं,। आशु उम्र 12 वर्ष 8वीं एवं राधिका 10 वर्ष कक्षा 6वीं में अध्ययनरत है।
मौके पर टीम द्वारा बालिकाओं की काउंसलिंग की गई तथा उन्हें महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। बालिकाओं की शिक्षा को निरन्तर बनाए रखने के उद्देश्य से पात्र नाबालिग बालिकाओं का कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में नामांकन कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। दो योजनाओं से तत्काल जोड़ा गया। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत परिवार की 02 बालिकाओं को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), स्वास्थ्य विभाग से सभी बालिकाओं को आयुष्मान कार्ड, सामाज कल्याण विभाग से परिवारिक लाभ योजना से जोड़ने की कार्यवाही की गई है। इसके अतिरिक्त शेष पात्र बालिकाओं को भी नियमानुसार अन्य शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किए जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। बालिकाओं को आश्वस्त किया गया कि उनकी पात्रता के अनुसार उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। साथ ही उनकी शिक्षाए सुरक्षाए संरक्षण एवं पुनर्वास को प्राथमिकता देते हुए प्रकरण का निरन्तर अनुश्रवण किया जाएगा।
जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि उक्त परिवार की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बालिकाओं को पात्रतानुसार सभी आवश्यक शासकीय योजनाओं से लाभान्वित कराने तथा उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु समन्वित रूप से कार्यवाही की जाए।







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