समयबद्धता व गुणवत्ता के साथ कार्य किये जाने को दिया निर्देश
सभी कार्यदायी संस्थायें प्राविधानो अनुसार मैटेरियल टेस्टिंग एवं थर्ड पार्टी से निर्माण कार्यो का कराएं सत्यापन
दो कार्यदायी संस्थाओं की शिथिलता के लिए आरोप पत्र निर्गत कराए जाने हेतु दिया निर्देश
अनुबंध तिथि से ही निर्माण कार्य हो शुरु, लक्षित तिथि पर ही निर्माण कार्य हो पूर्ण, इसे हर हाल में करें सुनिश्चित
परियोजनाओं में समयवृद्धि हेतु जिला प्रशासन का अनुमोदन जरुरी
निर्माण कार्याे में किसी प्रकार की न हो कोई शिथिलता इसके लिये किया आगाह
देवरिया 18 अगस्त। जिलाधिकारी आशुतोष निंरजन ने दो कार्यदायी संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजर को आरोप पत्र दिए जाने हेतु शासन को संस्तुति पत्र भेजे जाने का निर्देश दिया है। उन्होने यह स्पष्ट रुप से निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यदायी संस्थायें कार्य परियोजनाओं में समयवृद्धि का प्रस्ताव बिना जिला प्रशासन के अनुमोदन के नही भेजेगें। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्थायें अपने विभागीय प्राविधानो एवं मानको अनुसार मैटेरियल टेस्टिंग एवं थर्ड पार्टी से निरीक्षण की व्यवस्था अनिवार्य रुप से सुनिश्चित करेगें, जिससे कि कार्यो में उच्च गुणवत्ता बनी रहे। उन्होने यह भी कहा कि अनुबंध तिथि से ही कार्य शुरु होनी चाहिए और कार्य पूर्णता की लक्षित तिथि तक कार्य परियोजना हर हाल में पूर्ण करना कार्यदायी संस्थायें सुनिश्चित करेगी। इसके लिए किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता नही बरते जाने हेतु उन्होने सभी को आगाह भी किया है।
जिलाधिकारी श्री निरंजन 25 लाख सेे अधिक निर्माण कार्य, क्रिटिकल गैप, त्वरित आर्थिक विकास योजना, पीएमजीएसवाई एवं मुख्यमंत्री घोषणा के तहत कार्य परियोजनाओं की समीक्षा गूगल मीट के माध्यम से कर रहे थे। उन्होने निर्देश दिया कि सभी कार्यदायी संस्थाये व संबंधित विभाग निर्माण कार्याे को गुणवत्ता व समयबद्धता के साथ उसे पूर्ण करायें।
जिलाधिकारी श्री निरंजन ने 50 लाख से ऊपर के सभी कार्य परियोजनाओं के प्रगति समीक्षा के साथ ही आईटीआई रुद्रपुर, बरहज एवं राजकीय इंटर कालेज रुद्रपुर, बरहज, शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी शहीद स्थल, कलक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता चेम्बर का निर्माण, निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला कारागार में बाउन्ड्रीवाल, पाकशाला एवं डबल स्टोरी बैरक निर्माण कार्य, आईटीआई मल्टी पर्पज हाल, मेडिकल कालेज में महर्षि देवरहा बाबा की मूर्ति की स्थापना एवं पुलिस लाईन में ट्रांजिट हास्टल निर्माण सहित अन्य कार्य परियोजनाओं की गहनता से समीक्षा किए एवं कार्यदायी संस्थाओं को कार्यो को पूरी गुणवत्ता समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। उन्होने यह भी कहा कि जिन कार्य योजनाओं में धनराशि उपलब्ध है, उसमें 75 प्रतिशत व्यय करते हुए उपभोग प्रमाणपत्र संबंधित विभाग को भेजा जाए, जिससे समय से धनराशि अवशेष कार्यो के लिए उपलब्ध हो सके।
पीएमजीएसवाई की समीक्षा में जिलाधिकारी ने इसके तहत सडकों के अनुरक्षण कार्य का भौतिक सत्यापन जिला स्तरीय अधिकारियों से कराए जाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी रवीन्द्र कुमार से कहा। समीक्षा के दौरान यूपीपीसीएल कार्यदायी संस्था की कार्य शिथिलता व सन्तोषजनक प्रगति नही पाए जाने पर तथा यूपीसीएलडीएस कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर इस बैठक में सूचना उपरान्त भी अनुपस्थित रहे। इन दोनो कार्यदायी संस्थाओं के प्रोजेक्ट मैनेजर के विरुद्ध शासन को आरोप पत्र निर्गत किए जाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी से संस्तुति पत्र भेजे जाने के लिए जिलाधिकारी ने कहा।
गूगल मीट में मुख्य विकास अधिकारी रवीन्द्र कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी कमल किशोर, डीएसटीओ मनोज कुमार श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी/प्रतिनिधि गण तथा अन्य संबंधित विभागो के अधिकारी आदि जुडे रहे।






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