देवरिया 12 सितंबर । जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी मतभेद भूलकर पांच विवाहित जोड़े फिर से एक-दूसरे के साथ रहने को राजी हुए। परिवार न्यायालय में लंबे समय से लंबित मुकदमों का निस्तारण करते हुए इन जोड़ों की सम्मानपूर्वक और सुखद विदाई करायी गयी। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ब्रजेश मणि त्रिपाठी तथा अपर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, कक्ष सं.-02 शिखा रानी जायसवाल के द्वारा दोनों पक्षों की समस्याओं व शिकायतों को सुनकर उनके बीच सुलह-समझौता कराया गया।
इस दौरान भरण-पोषण (धारा-144) तथा हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-9 (दाम्पत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना) एवं धारा-13बी (हिंदू विवाह अधिनियम) से संबंधित मुकदमों को सौहार्दपूर्ण निस्तारित किया गया। न्यायालय परिसर से जब ये पांचों दंपत्ति एक-दूसरे का हाथ थामकर अपने घर के लिए रवाना हुए, तो बिछड़े परिवारों के चेहरे पर खुशी लौट आई। न्यायाधीशगण ने सभी जोड़ों को सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए विदा किया।









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