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सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद शासन ने किया निलंबित, डीजीपी ने जांच के दिए आदेश
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के छात्र अक्षत त्रिपाठी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में पांच लाख रुपये के निजी मुचलके का नोटिस जारी करना एसीपी एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट-तृतीय डॉ. रवि शंकर मिश्रा को भारी पड़ गया। मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी नाराजगी के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है।
छात्र को प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में पांच लाख रुपये के निजी मुचलके का नोटिस जारी किए जाने पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने मजिस्ट्रेट की कार्रवाई पर गंभीर नाराजगी जताई। अदालत के रुख के बाद शासन ने तत्काल कार्रवाई की।
निलंबन की जानकारी उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट को भी दी गई। इसके साथ ही पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में नोटिस जारी करने की परिस्थितियों, उसके आधार और संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी।
मामले में शासन की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अधिकारी के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।






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