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कुरुक्षेत्र की चावल मिल में मजदूरी कराने ले जाए जा रहे थे बच्चे, मोतिहारी के रहने वाले हैं सभी नाबालिग
गोंडा। गोंडा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त कार्रवाई में बाल तस्करी के मामले का खुलासा हुआ है। अपराध आसूचना शाखा की टीम ने ट्रेन संख्या 15212 जननायक एक्सप्रेस से 12 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर दो कथित मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। सभी बच्चों की उम्र 12 से 16 वर्ष के बीच है।
अपराध आसूचना शाखा गोंडा के निरीक्षक उदय राज ने बताया कि प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त गोरखपुर और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त लखनऊ के निर्देश पर टीम बचपन बचाओ आंदोलन समिति गोरखपुर के सहायक परियोजना अधिकारी मनीष कुमार वर्मा के साथ ट्रेन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चेकिंग कर रही थी। बरुआचक स्टेशन से ट्रेन रवाना होने के बाद सामान्य कोच संख्या 161134/C में कई बच्चे डरे-सहमे हालत में बैठे मिले। पूछताछ में प्रथम दृष्टया मामला बाल तस्करी और बाल श्रम से जुड़ा सामने आया।
ट्रेन के सुबह करीब 6:15 बजे गोंडा जंक्शन पहुंचने पर आरपीएफ पोस्ट गोंडा और टीओपीबी टीम के सहयोग से बच्चों तथा उनके साथ मौजूद दो व्यक्तियों को प्लेटफॉर्म पर उतारा गया। आरोपियों की पहचान प्रमोद कुमार (19) और विजय शाह (27), दोनों निवासी थाना मेहसी, जिला मोतिहारी, बिहार के रूप में हुई।
पूछताछ में सामने आया कि सभी बच्चे मोतिहारी जिले के रहने वाले हैं और उन्हें हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पेहवा स्थित चावल मिल में मजदूरी कराने ले जाया जा रहा था। आरोप है कि ठेकेदार अनिल और मुकेश के कहने पर दोनों आरोपी बच्चों को लेकर जा रहे थे। परिजनों को प्रलोभन देकर और एडवांस पैसे देकर बच्चों को भेजने की बात भी सामने आई है।
पूरे मामले की वीडियोग्राफी कराई गई। बाद में सभी बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए बचपन बचाओ आंदोलन समिति, अपराजिता सामाजिक समिति बहराइच और चाइल्ड लाइन गोंडा के प्रतिनिधियों को सौंप दिया गया। निरीक्षक उदय राज की तहरीर पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना गोंडा में मुकदमा दर्ज किया गया है। नामजद ठेकेदारों के खिलाफ भी संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।







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