लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में मंदिर के जीर्णोद्धार समारोह के दौरान बीजेपी की दलित विधायक जय देवी कौशल को पूजा-अर्चना में शामिल नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। विधायक ने आरोप लगाया है कि उन्हें धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि मंदिर के जीर्णोद्धार और आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं में उनकी ओर से करीब एक करोड़ रुपये की व्यवस्था कराई गई थी।
जय देवी कौशल के मुताबिक, समारोह के दौरान जब पूजा-अर्चना का समय आया तो वह पूजा में शामिल होने के लिए खड़ी रहीं, लेकिन उन्हें अनुष्ठान में शामिल नहीं किया गया। विधायक ने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए और इसे जातिगत भेदभाव से जोड़कर देखा।
जय देवी कौशल पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व सांसद कौशल किशोर की पत्नी हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद कौशल किशोर ने भी आपत्ति जताई है और घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्षता से पूरे प्रकरण को देखने की बात कही है।
बीजेपी की ही दलित विधायक द्वारा लगाए गए इन आरोपों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मामला सामने आने के बाद मंदिर आयोजन की व्यवस्थाओं और पूजा-अर्चना में विधायक को शामिल नहीं किए जाने की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।







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