नई दिल्ली। भारत सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो वाणिज्यिक जहाजों पर हुए कथित हमले के बाद ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, जबकि छह अन्य भारतीय घायल हुए हैं। भारत ने इस हमले को गंभीरता से लेते हुए ईरान से घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में इस प्रकार की घटनाएं न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय हैं।
घटना के दौरान दो व्यावसायिक जहाजों पर हमला हुआ, जिनमें कई देशों के नाविक सवार थे। हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है और भारतीय दूतावास उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
भारत ने ईरानी राजनयिक से कहा कि समुद्री मार्गों पर कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने मृतक नाविक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। साथ ही घायलों के इलाज और उन्हें सुरक्षित स्वदेश लाने के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संवाद का समर्थक है तथा सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करता है। भारत ने यह भी दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन और समुद्री व्यापार की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है।
इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। भारत स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और आवश्यक होने पर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए आगे भी उचित कदम उठाने की बात कही है।







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