ग्वालियर/मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिला कोषागार में सुरक्षित रखे गए सोने के कथित रूप से गायब होने का मामला अब न्यायिक जांच के दायरे में आ गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ने राज्य सरकार से विस्तृत जानकारी तलब की है। अदालत ने पूछा है कि कोषागार में जमा असली सोने की सुरक्षा व्यवस्था क्या थी और उसके गायब होने की परिस्थितियां क्या हैं।
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि न्यायालय में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोषागार में सुरक्षित रखे गए असली सोने के स्थान पर दूसरे धातु के आभूषण या नकली सामग्री रख दी गई। इस आरोप के बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि कोषागार में जमा बहुमूल्य वस्तुओं की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से मानक अपनाए जाते हैं और इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। अदालत ने जांच की प्रगति और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी है।
प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित गड़बड़ी कब और कैसे हुई। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि सरकारी कोषागार में न्यायालयों और अन्य एजेंसियों द्वारा जब्त किए गए बहुमूल्य सामान सुरक्षित रखे जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार से जवाब प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है। मामले की अगली सुनवाई में सरकार की रिपोर्ट और जांच की प्रगति के आधार पर अदालत आगे के निर्देश जारी कर सकती है।







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