देवरिया 25 अप्रैल।जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत जिले में 7 से 21 मई तक स्वगणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) अभियान संचालित किया जाएगा। इसके बाद 22 मई से 20 जून तक घर-घर सर्वेक्षण (मकान सूचीकरण) का कार्य शुरू होगा। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने अभियान को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं और व्यापक स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित करने को कहा है।
डीएम ने बताया कि स्वगणना के तहत नागरिक ऑनलाइन पोर्टल या क्यूआर कोड के माध्यम से स्वयं अपने एवं अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकेंगे। अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिले भर में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर संपर्क, जनप्रतिनिधियों का प्रशिक्षण, विद्यालयों व महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम तथा विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार कराया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नामित कर शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करें। आमजन को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए। इसके साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया, पोस्टर, बैनर व पंपलेट के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षकों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डीएम ने बताया कि स्वगणना चरण के बाद 22 मई से शुरू होने वाले घर-घर सर्वेक्षण में गणनाकर्मी प्रत्येक मकान पर जाकर उसका विवरण दर्ज करेंगे। इस दौरान पूरे अभियान की सतत निगरानी व समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि वे सही व पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें।
प्रशिक्षण में लापरवाही पर सख्ती, होगी FIR
जनगणना प्रशिक्षण को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने या ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले प्रगणक एवं सुपरवाइजर के विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज कराई जाएगी। इस धारा के तहत दोषी को तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
प्रशासन के अनुसार, सबसे पहले अनुपस्थित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी लापरवाही या कार्य से इनकार की स्थिति में संबंधित के खिलाफ FIR दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने स्पष्ट किया कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कार्मिकों को प्रशिक्षण में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना होगा।







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