-23 मार्च तक जनपद में चलेगा कुष्ठ रोगी खोजी अभियान
देवरिया, 11 मार्च 2026।
जनपद में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 9 मार्च से कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 23 मार्च तक घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीमें कुष्ठ रोगियों की खोज कर रहीं हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि कुष्ठ रोग छुआ-छूत की बीमारी नहीं है। कुष्ठ रोगियों से भेदभाव न करें। यह आम रोगों की तरह ही है, जो मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) से ठीक हो जाता है। लेकिन समय पर इलाज न किया जाए तो यह बीमारी बड़ा रूप भी ले सकती है। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत 3500 टीमों द्वारा घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज की जा रही है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंचे तो इस बीमारी को छिपाये नहीं। दो वर्ष से ऊपर के सभी व्यक्तियों की जांच की जा रही है। कुष्ठ रोग की पुष्टि होने के बाद में एमडीटी से उनका निशुल्क उपचार शुरू किया जाएगा। जिससे ऐसा व्यक्ति कुष्ठ मुक्त होकर सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर कुष्ठ रोगियों को खोज की जा रही है।
जिला कुष्ठ रोग परामर्शदाता विशेषज्ञ डॉ. इरशाद आलम ने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो वेक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु से होता है। यह साथ खाने, उठने, बैठने से नहीं फैलता है। यह आनुवांशिक एवं छुआछूत रोग नहीं है। इस कारण कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव न करें| यदि किसी को कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई दें तो उसकी जांच कराएं। कुष्ठ रोग की जांच व उपचार निःशुल्क हैं। समय से जांच और उपचार कराने से दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है।
ऐसे की जा सकती है कुष्ठ रोग की पहचान :
त्वचा के रंग मे कोई भी परिवर्तन साथ ही उसमें पूर्ण रूप से सुन्नपन अथवा सुन्नपन का अहसास होता है, चमकीली व तैलीय त्वचा, कर्ण पल्लव का मोटा होना कर्ण पल्लव पर गांठ/त्वचा पर गांठ, नेत्रों को बंद करने में दिक्कत या उससे पानी आना, भौहों का खत्म होना, हाथों में घाव या दर्द रहित घाव अथवा हथेली पर छाले, कमीज या जैकेट के बटन बंद करने में असमर्थता, हाथ या पैर की उंगलियां का मुड़ना, फुट ड्रॉप अथवा चलते समय पैर का घिसटनाकुष्ठ रोग के प्रमुख लक्षण हैं।









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