देवरिया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ.प्र. के संस्थापक सदस्य व लम्बें समय तक अध्यक्ष रहे स्वर्गीय बी.एन.सिंह जी की 26वीं पुण्य तिथि रविवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, देवरिया के अध्यक्ष अशोक कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में सिंचाई संघ भवन, नलकूप अनुरक्षण खण्ड सिंचाई चौराहा पर अपरान्ह 2 बजे से सम्पन्न हुई ।सभा का संचालन राज्य संचालन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री रामदेव सिंह ने किया। सर्वप्रथम सभी आगन्तुकों ने स्वर्गीय बी.एन. सिंह जी की प्रतिमा पर पुष्पाजंलि अर्पित किया तथा उनके कृतियों को याद करते हुए पुष्प,माला पहनाकर श्रद्धांजलि अर्पित किया एवं जिला अस्पताल देवरिया के प्रांगण एवं सिंचाई चौराहे पर गरीबों को फल एवं खाद्य सामग्री वितरित कर कार्यक्रम को सफल बनाने का जोर-शोर से क्रिया कलाप किया गया। सभा को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के उपाध्यक्ष एवं सिंचाई संघ के मंडलीय अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद ने कहा कि स्व.बी.एन.सिंह जी का जन्म दिनांक 17 जुलाई 1927 को जनपद रायबरेली में हुआ। स्व. बी.एन.सिंह जी एवं पं. रघुवीर प्रसाद शर्मा की अध्यक्षता में वर्ष 1972 में महामंत्री चुने गये तथा वर्ष 1984 से जीवनपर्यन्त परिषद के अध्यक्ष के रूप में सेवा करते रहे। स्व. बी.एन.सिंह जी ने दिनांक 18 मई 1999 को अन्तिम सांस ली व सिंचाई संघ के कर्मियों के प्रति पूरी निष्ठा से समर्पित रहे और आज जब सरकार सिंचाई विभाग को खण्डित करने की रणनीति लगा रही है तो आज हम किसी भी हालत में अपने को कमजोर नहीं होने देंगे। सभा को सम्बोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के उपाध्यक्ष दुर्गेश ओझा ने कहा कि दिनांक 26फरवरी 1966 में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का गठन किया गया तथा संस्थापक सदस्य के रूपमें अपना योगदान देना प्रारम्भ कर दिया। वर्ष 1966 और 67 में केन्द्र, प्रांत महंगाई भत्ता एक करो,छंठनी नोटिस बन्द करो की मांग को लेकर वृहद हड़ताल हुआ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अशोक पाण्डेय ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्व.बी.एन. सिंह ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया, यहाँ तक कि उन्हें अपना प्लाट तक बेचना पड़ा और आन्दोलन को सफल बनाया। आज उसी का परिणाम है कि राज्य में केन्द्र के समान महंगाई भत्ते का सिद्धान्त लागू है। वर्ष 1986 में चतुर्थ वेतन आयोग के आधार पर केन्द्रीय समानता के लिए निर्णायक संघर्ष किया गया। राज्य सरकार ने पुनः वर्ष 1996 में वेतन आयोग को लागू करने में हीलाहवाली की स्व. बी.एन.सिंह के प्रभावी नेतृत्व में सरकार को झुकना पड़ा। पशुधन प्रसार अधिकारी संघ के उपाध्यक्ष निशाकान्त तिवारी ने बताया कि स्व.बी.एन.सिंह के संघर्षों से प्रेरणा लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा पुरानी पेंशन की मांग के लिए आंदोलन किया गया जिसके परिणामस्वरूप पेंशन योजना में सुधार के लिए सरकार को मजबूर होना पड़ा। सभा में विभिन्न कर्मचारी संघटनों के सदस्यों ने भी अपने विचार रखे।







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