देवरिया। जनपद के विभिन्न मुर्गी फार्मों पर भ्रमण कर पशु चिकित्सक डॉ अवधेश कुमार यादव ने किसानों को जागरूक किया कि सोनाली प्रजाति के मुर्गी पालन से कम लागत में अधिक मुनाफा कमा कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। सोनाली प्रजाति के मुर्गे व मुर्गी का नस्ल बिल्कुल देसी प्रजाति के नस्ल की तरह होता है। इस प्रजाति की मुर्गी देसी प्रजाति मुर्गी से ज्यादा अंडे देती हैं और इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी ज्यादा होती है। इस प्रजाति के मुर्गे का वजन दो से ढाई किलो होता है जिससे किसान दोहरा मुनाफा कमा सकता है क्योंकि ज्यादा अंडे के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने से बीमार कम पड़ते हैं वही वजन ज्यादा होने से लाभ भी ज्यादा मिलता है। इस प्रजाति को ज्यादातर सोयाबीन, मक्का, खली ,गेहूं ,ब्रान एवं एल्फा एल्फा घास के मिश्रण के साथ खिलाना चाहिए ताकि मुर्गियों को भरपूर प्रोटीन और ऊर्जा मिल सके।







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