देवरिया। जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर एसीआइसी जागृति व जागृति उद्यम केंद्र-पूर्वाचल के पहले कोहाट आधारित (एक तरह का सत्संग जिसमें एक जैसी सोच के लोग साथ आएं) इन्क्यूबेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन देश के विभिन्न प्रांतों से आए चुनिंदा बिजनेस लीडर्स ने चयनित 47 उद्यमियों के साथ संवाद कर पूर्वांचल के विकास माडल पर मंथन किया गया।करीब पांच घंटे तक पूर्वांचल के विकास माडल पर विभिन्न क्षेत्रों को लेकर चले मंथन में लाइफलाइन एक्टिविटी के माध्यम से उद्यमियों और मेंटर (मार्गदर्शक) ने एक दूसरे के जीवन के संघर्षों के बारे में आदान-प्रदान किया। उसके बाद मार्केटिंग के टिप्स भी दिए।
इस दौरान ज्ञान डेयरी के एमडी अनुज अग्रवाल ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से युवा उद्यमियों से कहा कि चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए क्योंकि चुनौतियों में अवसर छुपे होते हैं। इसे हमें सहज रूप में लेना होगा। पूर्वांचल में इसकी बड़ी संभावना है। जागृति उद्यम केंद् के संस्थापक शशांक मणि की सोच की तारीफ की।किरोस सुपर फूड्स कंपनी के संस्थापक सचिन साहनी ने स्थानीय उद्यमियों से संवाद किया। कहा कि किसी भी उद्यम की सफलता के जरुरत है,ग्राहक की समझ होना। इसके अनुसार ही उससे जुड़ने के लिए अपनी योजनाएं बनानी चाहिए। फार्मार्ट के सीईओ आलेख सिंघेरा ने उद्यमियों से ग्राहक की जरूरत को समझने और मार्केटिंग के लिए आनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करने की सलाह दी। मंथन के दौरान उत्तर प्रदेश के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, जम्मू कश्मीर, बिहार, गुजरात,तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के युवा बिजनेस लीडर्स ने उद्यम एवं उद्यमिता के बारे में विस्तार से चर्चा।
क्या कहते हैं लीडर्स -पूर्वांचल में उद्योग की संभावना है, यहां के उद्यमियों में उद्योग के प्रति आगे बढ़ने की चाहत भी है। सिर्फ इन्हें प्लेटफॉर्म दिए की आने की जरूरत है। किस काम में जागृति उद्यम केंद्र मिल का पत्थर साबित होगा।
देवांग पटेल, बिजनेस लीडर, अहमदाबाद गुजरात-पूर्वी उत्तर प्रदेश में उद्यम एवं उद्यमियों में काफी उत्साह है। जागृति उद्यम केंद्र के जरिए युवाओं को रोजगार मिल सकता है। यहां आए हुए युवाओं में औद्योगिक माहौल बनाने का उत्साह दिखा यह अच्छा संकेत है।
राजेश कचरू, बिजनेस लीडर, जम्मू कश्मीर-पूर्वी उत्तर प्रदेश में इनके प्रोडक्ट का बाजार भी है। युवाओं को इसको योजना बंद तरीके से कम करना होगा। अपना विजन बड़ा करना होगा। यहां के युवाओं में काफी संभावना है।
सुशांत अरोड़ा, बिजनेस लीडर, कानपुर-यहां के युवाओं एवं उद्यमियों में उद्योगों का एनर्जी लेवल काफी मजबूत है उनका प्रोडक्ट भी काफी हद तक अच्छा है उसे और अच्छा करना होगा इसके लिए जागृति उद्यम केंद्र से सपोर्ट लेकर आगे बढ़ना होगा पूर्वांचल में उद्योग की बड़ी संभावना है। इसकी वजह यूपी सरकार भी है।
पूजा तेंदुलकर, बिजनेस लीडर, पुणे, महाराष्ट्र-पूर्वांचल में पूर्वांचल में एग्री प्रोडक्ट बनाए जाने की जरूरत है इस काम में जागृति उद्यम केंद्र काफी सहायक होगा युवाओं में भी काफी संभावना है औद्योगिक माहौल यूपी सरकार की वजह से भी बन रहा है यह काफी सुखद संकेत है।
सचिन कुमार, बिजनेस लीडर, पटना, बिहार- युवा उद्यमियों में काम करने की ललक है उसको और मजबूत प्लेटफार्म देने की आवश्यकता है। सरकार की योजनाएं तो अच्छी हैं, लेकिन उसे बेहतर प्लेटफार्म देने के लिए जागृति जैसे संस्थानों का होना भी जरूरी है।
ललित के. बेमली, हैदराबाद, तेलंगाना-पूर्वांचल के युवाओं को टेक्निकल सपोर्ट चाहिए जिससे कि वह अपना नेटवर्क बना सकें। दो दिनों के मंथन में कई युवाओं का ऐप भी मिला उससे यह लगा कि यहां कि युवाओं को जेईईसीपी का सपोर्ट मिलने से और आगे बढ़ेंगे।







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