निर्माण कार्यो में अनियमितता कतई नही होगी बर्दास्त, की जायेगी कठोरतम कार्यवाही
निष्पक्ष रुप से जांच समितियां कार्य परियोजनाओं का करेगी जांच, अन्यथा इन पर भी की जायेगी कार्यवाही
देवरिया17 जून। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने निर्माण कार्यो से जुडे सभी कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट रुप से यह कडे निर्देश दिये है कि वे अपने कार्य परियोजनाओं को पूरी तरह से गुणवत्ता मानको के अनुरुप रखें। ठीकेदार व अवर अभियंताओं पर प्रभावी नियंत्रण रखें, कार्यो के गुणवत्ता का पर्यवेक्षण करते रहे, यदि मेरे स्तर से कार्य परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की गडबडी/अनियमितता पायी जायेगी तो ऐसे संलिप्त किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, कार्य एजेन्सी, ठीकेदार को कतई बख्शा नही जायेगा, बल्कि उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। किसी भी दशा में निर्माण कार्यो में हेराफेरी अनियमितता बर्दास्त नही की जायेगी।
जिलाधिकारी श्री सिंह विकास भवन के गांधी सभागार में 50 लाख से ऊपर की कार्य परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा कर रहे थे। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि परियोजनाओं की जांच हेतु यदि गठित कमेटी द्वारा भी अपनी जांच रिपोर्ट में अनियमितता बरती जायेगी तो उनके विरुद्ध भी कार्यवाही की जायेगी। उन्होने नौतन हथियागढ में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक चिकित्सालय में अमानक कार्यो के लिये कार्यदायी संस्था प्रोजेक्ट कारपोरेशन पर कडी नाराजगी जतायी। टेलीफोन द्वारा ही प्रोजेक्ट मैनेजर को कडे निर्देश देते हुए कहा कि ठीकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की कार्यवाही कराते हुए उससे मुझे अवगत कराये अन्यथा उनके विरुद्ध ही कार्यवाही की जायेगी। अधिशासी अभियंता आरइडी के शिथिलतापूर्ण पर्यवेक्षण के लिये भी शासन को पत्र लिखे जाने का निर्देश जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को दिए। उन्होने ऐसे अधिकारी जो निरीक्षण के मानक नही दिये है, उन्हे 24 जून तक निरीक्षण मानको को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये, अन्यथा की स्थिति में माह जून का वेतन रोक दिया जायेगा। वेलनेस सेन्टर के निर्माण कार्य एजेन्सी यूपी सिडको के कार्य प्रगतियों पर भी काफी नाराजगी जतायी।
जिलाधिकारी ने अर्थ संख्याधिकारी को निर्देश दिया कि कार्य एजेन्सीवार कार्य परियोजनाओं का संख्या सहित कार्य प्रगतियों का पूर्ण विवरण तैयार करें कि किसी कार्य परियोजना में धन की उपलब्धता के बावजूद कार्य पूर्ण नही हुए है अथवा धनाभाव के कारण कार्य रुके हुए है, जिससे कि उसे शासन स्तर पर अवगत कराया जा सके।
बैठक में अग्निशमन केन्द्र सेमरौना, सलेमपुर, हेल्थ वेलनेस सेन्टर, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, पर्यटन विभाग की कार्य परियोजनाओं आदि सहित 50 लाख से उपर की विभिन्न निर्माणाधीन कार्यो की समीक्षा की व कहा कि अधिकारी स्वयं कार्यो की गुणवत्ता का पर्यवेक्षण कर लें। यदि कोई गडबडी हो तो अपने स्तर से ही अनियमितता करने वालो के विरुद्ध कडी से कडी कार्यवाही सुनिश्चित करायें, अन्यथा उनकी भी संलिप्तता समझी जायेगी और उनके विरुद्ध भी कडी कार्यवाही की जायेगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, एडीएम प्रशासन कुंवर पंकज, मुख्य चिकित्याधिकारी डा आलोक पाण्डेय, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी कमल किशोर, अधिशासी अभियंता बाढ एन के जाडिया, डीएसटीओ मनोज श्रीवास्तव, एडीएसटीओ राजेश कुमार, डीआईओएस देवेन्द्र गुप्ता सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।






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