देवरिया (सू0वि0) 17 जनवरी।
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2022 के संबंध में आयोग द्वारा निर्गत निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण पर अनुदेशों का सार-संग्रह अक्टूबर 2021 के निर्देशानुसार निर्वाचन प्रक्रिया दौरान उड़न दस्तों, स्थैतिक निगरानी दलों अथवा पुलिस द्वारा जब्त की गयी नकदी / बहुमूल्य वस्तुओं के परिप्रेक्ष्य में आम जनता तथा सही व्यक्तियों को असुविधा से बचाने के लिए तथा उनकी शिकायतों, यदि कोई हो, का भी निवारण करने के लिए त्रिस्तरीय समिति गठित की है।
जिलाधिकारी ने बताया है कि त्रिस्तरीय समिति हेतु मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी (वि० /रा०) नागेन्द्र कुमार सिंह, तथा वरिष्ठ कोषाधिकारी/नोडल ऑफिसर निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण (संयोजक) कुलदीप सरोज को नामित किया गया है।
उक्त समिति, पुलिस अथवा स्थैतिक निगरानी दल या उड़न दस्ते द्वारा की गई जब्ती के प्रत्येक मामले को अपनी ओर से जांच करेगी तथा जहां समिति यह पाती है कि मानक प्रचालन प्रक्रिया के अनुसार जब्ती के संबंध में कोई प्राथमिकी / शिकायत दर्ज नहीं की गई है या जहां जब्ती किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल या किसी निर्वाचन अभियान इत्यादि से जुड़ी हुई नहीं है तो वह ऐसे व्यक्तियों को जिनसे नकदी जब्त की गई थी, को ऐसी नकदी रिलीज करने बारे में इस आशय का एक स्पीकिंग आदेश जारी करने के पश्चात् रिलीज आदेश जारी करने के लिए तत्काल कदम उठाएगी। समिति सभी मामलों का अवलोकन करेगी तथा जब्ती पर निर्णय लेगी।
व्यय अनुवीक्षण के नोडल अधिकारी द्वारा नकदी रिलीज करने के संबंध में सभी प्रकार की सूचना का एक रजिस्टर में रख-रखाव किया जाएगा। यह रजिस्टर कमांकित और तिथिवार होगा तथा इसमें अवरुद्ध / जब्त नकदी की राशि और संबंधित व्यक्ति (यो) को छोड़ दिये जाने की तारीख का विवरण होगा।
यदि रिलीज की गई नकदी 10 (दस) लाख रु. से अधिक है, तो रिलीज किए जाने से पहले आयकर के नोडल अधिकारी को सूचित किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में जब्त की गई नकदी / जब्त की गई बहुमूल्य वस्तुओं से सबंधित मामले मालखाना या कोषागार में मतदान की तारीख के पश्चात् 7 (सात) दिनों से अनधिक समय के लिए तब तक लंबित नहीं रखे जाएंगे जब तक कि कोई प्राथमिकी / शिकायत न दर्ज की गई हो।






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