चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh News) जिले के तत्कालीन जिला कलेक्टर (District Collector) इंद्रजीत सिंह ने निंबाहेड़ा क्षेत्र की कृष्णा सुथार को गोद लिया और इसके साथ ही निंबाहेड़ा (Nimbahera) स्थित पाटनी पब्लिक स्कूल वंडर सीमेंट में उसका एडमिशन भी करवाया था. साथ ही आठवीं तक उसकी निशुल्क शिक्षा का आदेश भी निकाला था. लेकिन उनके जाने के 2 साल बाद स्कूल प्रशासन द्वारा कृष्णा के पिता रामनारायण से फीस का तकाजा किया गया.
स्कूल का नोटिस देखकर रामनारायण (Ramnarayan) भी चौक गया. कारण यह था कि स्कूल द्वारा कृष्णा की पिछले 2 साल की फीस जमा कराने को कहा गया था जबकि कलेक्टर द्वारा उसकी निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की गई थी. जब पिता फीस जमा नहीं करा पाए तो कृष्णा (Krishna) को स्कूल से बाहर कर दिया गया. नतीजतन कृष्णा मार्च से घर पर बैठी है.
कृष्णा के पिता संबधित दस्तावेज लेकर जिला कलेक्टर सहित संबधित अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे है परंतु कहीं से भी उसे राहत मिलती दिखाई नहीं दे रही.
कृष्णा के पिता
रामनारायण के अनुसार उसकी बेटी दूसरी से अब तीसरी क्लास में आई है परंतु स्कूल नहीं जा पा रही, क्योंकि स्कूल द्वारा पिछले 2 साल की फीस मांगी जा रही है और इसे जमा कराना उसके बूते में नहीं है. वंडर सीमेंट की जनसुनवाई में भी अतिरिक्त जिला कलेक्टर द्वारा कृष्णा की निशुल्क शिक्षण व्यवस्था के निर्देश दिए गए थे. स्कूल प्रबंधन द्वारा भी इस पर अपनी सहमति जताई गई थी परंतु अब फीस मांगी जा रही है. राहत की उम्मीद में रामनारायण आज एक बार फिर कलेक्ट्रेट की चौखट पर पहुंचा और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया.






0 comments:
एक टिप्पणी भेजें