‘‘उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ में कम प्रगति पर जतायी नाराजगी
डीपीओ का वेतन बाधित किए जाने के दिए निर्देश
देवरिया (सू0वि0) 17 दिसम्बर। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने प्रोबेशन विभाग की वर्चुअल समीक्षा के दौरान ‘‘उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ में कम प्रगति पर कडी नाराजगी जताते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी का वेतन बाधित किए जाने व सो-काज नोटिस दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि प्रोबेशन विभाग से जुडी योजनाओं में पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किए जाये तथा इन योजनाओं में किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिये सभी जुडे विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुॅचाये, इसमें शिथिलता कदापि बर्दाश्त नही की जायेगी।
जिलाधिकारी श्री निरंजन ने ‘‘उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ की समीक्षा के दौरान कहा कि गत बैठक में इस योजना में अधिक से अधिक आवेदन लिए जाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद भी कम आवेदन लिए गए है, इस योजना में संवेदनशीलता बरतने की जरुरत है तथा जो भी आवेदन आये उसकी औपचारिकताओं को प्रोबेशन विभाग पूर्ण कराने में अपना योगदान दें। इसी प्रकार उन्होने मुख्यमंत्री नारी सम्मान योजना के तहत निर्देश दिया कि सभी ब्लाक कम से कम 20 आवेदन इस योजना में प्राप्त करना अनिवार्य रुप से सुनिश्चित करेगें। जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल सोनकर द्वारा बताया गया कि इस योजना में 250 महिलाये चिन्हित कर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ब्लाकवाइज लाभान्वित किए गए है। महिला निराश्रित पेंशन योजना के लम्बित आवेदनो का भी सत्यापन सभी बीडीओ को प्राथमिकता के साथ किए जाने के निर्देश उन्होने दिए। प्रोबेशन विभाग की विभिन्न योजना यथा- कन्या सुमंगला योजना, बंदी पेरोल, जेजेएक्ट, वन स्टाप सेन्टर, घरेलू हिंसा अधिनियम आदि की गहन समीक्षा कर आवश्यक निर्देश संबंधित विभागो को जिलाधिकारी ने दिया।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा सभी कार्य योजनाओं की एजेन्डा बिन्दुओं की प्रगतियों को प्रस्तुत किया गया।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी सदर श्रीयश त्रिपाठी, डीसीपीएम राजेश गुप्ता, नीतू भारती, खण्ड विकास अधिकारी गण व अन्य संबंधित अधिकारी आदि जुडे रहे।






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