संबंधित अधिकारी इसकी नियमित प्रभावी करें समीक्षा
देवरिया (सू0वि0) 23 अक्टूबर। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने दीपावली पर्व के अवसर पर उल्लू का अवैध शिकार/व्यापार किए जाने की रोकथाम के संबंध में शासन द्वारा निर्गत पत्र के हवाले से अवगत कराया है कि हिन्दू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उल्लू देवी लक्ष्मी के वाहन के रूप में समृद्धि एवं सौभाग्य सूचक होने/ पूजित होने तथा तांत्रिक क्रियाओं हेतु उपयोग में लाए जाने की परम्परा रही है। इस सम्बन्ध में समय-समय पर उल्लू के अवैध शिकार / व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु निर्देश / अलर्ट जारी किए जाते हैं। इन्टर नेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आई०यू0सी०एन०) द्वारा इसे जोखिम/ लुप्तप्राय प्रजाती के रूप में चिन्हित किया गया है। उल्लू वन्य जीव अधिनियम-1972 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत अनुसूची-1 में संरक्षित वन्य जीव के रूप में दर्ज है।
जिलाधिकारी ने दीपावली पर्व के अवसर पर उल्लू का अवैध शिकार / व्यापार किए जाने पर कड़ी अंकुश लगवाने हेतु निर्देश संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को दिया है तथा इसकी नियमित प्रभावी समीक्षा भी अपने स्तर से किए जाने को कहा है।






0 comments:
एक टिप्पणी भेजें