176 न्याय पंचायतों में उत्तरदायी कर्मचारियों के नाम तय करते हुए दिए निर्देश
देवरिया (सू0वि0) 23 अक्टूबर। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने न्याय पंचायत के समस्त राजस्व ग्रामों में पराली/फसल अपशिष्ट जलाने पर कडी कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जनपद के 176 न्याय पंचायतों में उत्तरदायी कर्मचारियों के नाम तय कर दिए हैं। ये कर्मचारी पर पराली/फसल अपशिष्ट जलाने से संबंधित घटनाओं पर निगाह रखेगें।
जिलाधिकारी ने बताया है कि कृषकों के मध्य फसल अवशेष जलाने से मिट्टी जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य को होने वाली हानि के विषय में अवगत कराया जाए। उन्हें यह भी अवगत कराया जाय कि मा० राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशानुसार दण्डनीय अपराध है। सम्बन्धित राजस्व ग्राम पराली न जलाये जाने हेतु समस्त कदम उठाये जाये तथा पराली जलाने पर सम्बन्धित लेखपाल के साथ सम्बन्धित कर्मचारी का पूर्ण रूप से उत्तरदायित्व निर्धारण किया जायेगा। तहसील एवं विकास खण्ड के समस्त लेखपाल एवं अन्य ग्राम प्रधानों को सम्मिलित करते हुये एक व्हाट्स एप्प ग्रुप बनाया जाय, उस क्षेत्र में कही भी फसल अवशेष जलाये जाने की घटना होती है तो सम्बन्धित लेखपाल एवं ग्राम प्रधान व्हाट्स एप्प ग्रुप एवं दूरभाष के माध्यम से सम्बन्धित तहसील स्तर पर गठित सचल दस्ते को तत्काल इसकी सूचना देंगें पराली/कृषि अपशिष्ट जलाये जाने की घटना पाये जाने पर सम्बन्धित को दण्डात्मक कार्यवाही की जाए तथा सम्बन्धित के विरुद्ध अर्थदण्ड लगाये जाने के सम्बन्ध में कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। कृषि भूमि का क्षेत्रफल 02 एकड़ से कम होने की दशा में अर्थदण्ड रु0 2500 /-प्रति घटना, कृषि भूमि का क्षेत्रफल 02 एकड़ से अधिक किन्तु 05 एकड़ तक होने की दशा में अर्थदण्ड रू0 5000/ प्रति घटना, कृषि भूमि का क्षेत्रफल 05 एकड़ से अधिक होने की दशा में अर्थदण्ड रु0 15000 /-प्रति घटना निर्धारित किया गया है। इन-सीटू मैनेजमेन्ट हेतु नियमानुसार अनुमन्य कृषि यंत्रों का प्रचार-प्रसार एवं उपलब्ध इन-सीटू यंत्रों के माध्यम से फसल अवशेष प्रबन्धन कराया जाए तथा साथ ही जन जागरण अभियान के माध्यम से भी फसल अवशेष न जलाये जाने एवं फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु सचेत करते हुये कृषकों को प्रेरित करेंगें। इसमें आवश्यक पड़ने पर सम्बन्धित थानाध्यक्ष द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट भी दर्ज करायी जाए।






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