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आज दिनांक 20.08.2026 को माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया श्री धनेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशानुसार में युवा अधिवक्ताओं के लिए स्थायी लोक अदालत विषयक एक ओरिएंटेशन और सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत, देवरिया के अध्यक्ष श्री राकेश कुमार मिश्र एवं सदस्य रंजना मिश्रा उपस्थित रहे। स्थायी लोक अदालत, देवरिया के अध्यक्ष श्री राकेश कुमार मिश्र के द्वारा अपने संबोधन में बताया कि स्थायी लोक अदालत का उद्देश्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित, सरल, सुलभ और कम व्यय में निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होने स्थायी लोक अदालत की अधिकारिता, कार्यप्रणाली और वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके द्वारा युवा अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक पात्र वादों को स्थायी लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का आह्वान किया गया। स्थायी लोक अदालत की सदस्य श्रीमती रंजना मिश्रा के द्वारा स्थायी लोक अदालतों (Permanent Lok Adalats) की कानूनी व्यवस्था और उद्देश्यों, लोक अदालतों और स्थायी लोक अदालतों के बीच अंतर, सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं (Public Utility Services) से जुड़े विवादों के तेजी से, निष्पक्ष और प्रभावी निपटारे के लिए सर्वोत्तम तरीकों, और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए सरल, पक्षकारों के अनुकूल और तेजी से कार्यवाही करने के महत्व आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। तदोपरान्त जिला बार एसोशिऐशन, देवरिया के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार मिश्र ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से स्थायी लोक अदालत की प्रभावशीलता बढ़ेगी। इससे आमजन को शीघ्र एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य को नई गति मिलेगी। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से इसकी कार्यप्रणाली का व्यापक लाभ उठाने और पात्र मामलों को स्थायी लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित कराने का आग्रह किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया की सचिव श्रीमती अर्चना द्वारा अभिमुखीकरण कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत की अधिकारिता, जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित वादों की प्रकृति, वाद निस्तारण की प्रक्रिया तथा विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के प्रासंगिक प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। साथ ही युवा अधिवक्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें समयबद्ध एवं प्रभावी विवाद निस्तारण की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे ओरिएंटेशन और सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम युवा अधिवक्ताओं को वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली की उपयोगिता से जोड़ते हुए अधिकाधिक पात्र प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण में सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम के समापन के पश्चात सचिव के द्वारा बार संघ के पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।







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