देवरिया, 07 जुलाई। आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में शिथिलता पाए जाने पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त न होने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी इन दिनों आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण को लेकर विशेष गंभीरता बरत रहे हैं तथा प्रत्येक प्रकरण का फीडबैक स्वयं प्राप्त कर रहे हैं। जिन प्रकरणों में फरियादी असंतुष्ट पाया जा रहा है अथवा निस्तारण त्रुटिपूर्ण पाया जा रहा है, उनमें संबंधित निस्तारण अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में आईजीआरएस फीडबैक की समीक्षा के दौरान खंड विकास अधिकारी भागलपुर, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, देवरिया तथा जिला पंचायत राज अधिकारी को त्रुटिपूर्ण निस्तारण के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
खंड विकास अधिकारी भागलपुर को ग्राम देवड़ा निवासी राम मनोहर सिंह द्वारा नाली निर्माण कार्य में अनियमितता एवं गुणवत्ता संबंधी शिकायत के वास्तविक निस्तारण न किए जाने पर नोटिस जारी किया गया। वहीं ग्राम छपिया जयदेव निवासी अवनीश कुमार सिंह मिश्रा द्वारा शहीद विजय मौर्य मार्ग पर अधूरे निर्माण कार्य को पूर्ण कराए जाने संबंधी शिकायत के त्रुटिपूर्ण निस्तारण पर अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, लोक निर्माण विभाग, देवरिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसी प्रकार ग्राम परसिया अहीर टोला निवासी दीपक सैनी द्वारा शवदाह गृह निर्माण, ग्राम सकुतई, पथरदेवा निवासी संतोष कुशवाहा द्वारा जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जाने तथा ग्राम करौता निवासी प्रतिमा देवी द्वारा परिवार रजिस्टर में बच्चों का नाम दर्ज किए जाने संबंधी आईजीआरएस प्रकरणों में त्रुटिपूर्ण आख्या प्रस्तुत किए जाने पर जिला पंचायत राज अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी प्रत्येक प्रकरण का वास्तविक, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।







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