प्रयागराज, 24 अप्रैल 2026।
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि हर हाल में 26 मई 2026 तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का ठोस रोडमैप पेश किया जाए।
चीफ जस्टिस की बेंच ने सुनवाई के दौरान साफ कहा कि पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाना संविधान के खिलाफ होगा। अदालत ने अनुच्छेद 243E का हवाला देते हुए कहा कि तय समय सीमा के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है।
कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की तारीखों और आरक्षण प्रक्रिया सहित अंतिम शेड्यूल दाखिल करने के लिए 27 अप्रैल 2026 तक का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी, जहां चुनाव कार्यक्रम के ऐलान की पूरी संभावना जताई जा रही है। फिलहाल मतदाता सूची में देरी और OBC आरक्षण प्रक्रिया पूरी न होने के कारण चुनाव अटका हुआ है। हालांकि, कोर्ट की सख्ती के बाद अब सरकार और आयोग पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ गया है।निष्कर्ष के तौर पर यह साफ है कि पंचायत चुनाव अब ज्यादा समय तक टलना मुश्किल है और 27 अप्रैल की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है।







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