रूद्रपुर (देवरिया)। जनपद में शिक्षक आत्महत्या के मामले ने शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक शिक्षक की पत्नी की तहरीर पर बीएसए कार्यालय से जुड़े दो नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर से चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। प्रकरण वर्तमान में जांचाधीन है।
इसी प्रकरण को लेकर पूर्वांचल वित्तविहीन शैक्षिक महासंघ ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। महासंघ के अध्यक्ष राणाप्रताप सिंह ने कहा कि यदि जांच में कथित मानसिक उत्पीड़न या अवैध दबाव की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कानूनी व विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। यूट्यूब शिक्षक व शिक्षाविद् डॉ. रविकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक आत्महत्या जैसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच अत्यंत आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी संजय कुमार यादव ने कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह कानून के दायरे में रहकर हो और किसी निर्दोष को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। वहीं वीरेन्द्र यादव ने दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महासंघ के पदाधिकारी अमित प्रताप सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है, जबकि आशुतोष शर्मा ने शिक्षा जगत में भयमुक्त वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।







0 comments:
एक टिप्पणी भेजें