* शंकराचार्य ने भगवान शिव का जलाभिषेक
* * भक्तों ने किया जगह-जगह फूल मालाओं से स्वागत
देवरिया । रुद्रपुर “गविष्टि गो-रक्षार्थ धर्म युद्ध” इक्कासी (81) दिवसीय जन-जागरण यात्रा के अंतर्गत ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार की शाम पौराणिक तीर्थ स्थल दुग्धेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे। उनके पहुंचने पर तहसील बाईपास, खजुआ और दुर्गेश्वर नाथ मंदिर पर श्रद्धालुव भक्तगणों ने भव्य स्वागत किया।
शंकराचार्य जी के दर्शनार्थ उमड़ा भक्तों का जनसमूह---
मंदिर पहुंचकर शंकराचार्य ने भगवान शिवशंकर भोलेनाथ का विधि-विधान से किया पूजा-अर्चना और श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में गौ माता को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, लेकिन देश में गौ-हत्या पर प्रभावी कानून का अभाव है जो चिंताजनक है। उन्होंने आगामी चुनाव में गौ-रक्षा के लिए प्रतिबद्ध सरकार चुनने की अपील की।उन्होंने बताया कि यात्रा की प्रमुख मांगों में गौ माता को ‘राजमाता’ का दर्जा देने, प्रत्येक विधानसभा में ‘गौ धाम’ की स्थापना, गौ-पालन को बढ़ावा, हर गांव में ‘गौवीरों’ की नियुक्ति तथा गौशालाओं का आकलन शामिल हो।
81 दिवसीय यात्रा के तहत हजारों श्रद्धालुओं भक्तगणों की मौजूदगी में “एक नोट, एक वोट” अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
शंकराचार्य ने राजनैतिक रूप से जागरूक होने की अपील की। अंत में उपस्थित लोगों ने गौ-रक्षा का संकल्प लिया।
इस दौरान महंत रामशंकर भारती, महंत विजय शंकर उर्फ पप्पू, पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह, आदित्य पांडे, पूर्व अध्यक्ष अवनीश यादव सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।या
त्रा का रात्रि विश्राम लक्ष्मीपुर स्थित रुद्रा रिसोर्ट में होगा, जहां रात्रि विश्राम के बाद बुधवार सुबह पूजा-अर्चना व प्रसाद वितरण के उपरांत बरहज के लिए यात्रा प्रस्थान करेगी।








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