Good Daily News...


शनिवार, 10 जनवरी 2026

भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना शुरू की, योजना का नाम कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम




भारत सरकार ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद के सबसे कीमती समय (Golden Hour) में बिना पैसे की चिंता किए मरीज का इलाज सुनिश्चित करना है। इस योजना का नाम कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम है। 

कल दिनाँक 09 जनवरी 2026 को पुलिस लाइन देवरिया के सभागार में जनपद के समस्त थानों के उप निरीक्षक गण को इस योजना से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण, जिला कलेक्ट्रेट, एन आई सी कार्यालय के जिला रोल आउट मैनेजर श्री सौरभ गुप्ता द्वारा जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री कृष्णानंद यादव के मार्ग दर्शन में दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) श्री सुनील कुमार सिंह के निर्देश एवं  यातायात कार्यालय से टी एस आई श्री गुलाब सिंह के सहयोग से इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

इसमे बताया गया कि जब कोई सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल पहुँचता है तो उसको तुरंत भर्ती करने के साथ ही टी एम एस पोर्टल पर उसकी पेशेंट आई डी अस्पताल द्वारा बनाई जाती है जिसकी रिक्वेस्ट दुर्घटना से संबंधित थाना  प्रभारी के ई डार आई डी ( पूर्व में आई रेड) मे जाती है। फिर संबंधित पुलिस अधिकारी द्वारा दुर्घटना की जाँच कर 24 घंटे के अंदर एक्सीडेंट आई डी (विक्टिम आई डी) जेनेरेट कर अस्पताल को अप्रूवल दी जाती है, पेशेंट आई डी से मैपिंग के लिए। जिसके बाद केस स्कीम मे ऐड हो जाता है। अत्यंत गंभीर केसेस के लिए पुलिस को वेरिफिकेशन के लिए 48 घंटे का समय दिया जाता है।

साथ ही साथ ई डार पोर्टल पर सड़क दुर्घटना की फीडिंग से संबंधित जानकारी, वाहन के तकनीकी मुआयना की रिक्वेस्ट ARTO को ई डार पोर्टल से एवं दुर्घटना से संबंधित सड़क के जाँच की रिक्वेस्ट पी डब्लू डी इंजीनियर को पोर्टल से ही भेजने की जानकारी दी गई।

​यहाँ इस Cashless Treatment Scheme की मुख्य बातें दी गई हैं:

​1. योजना का मुख्य उद्देश्य

​सड़क दुर्घटना के बाद पहले 60 मिनट (Golden Hour) सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। अक्सर लोग अस्पताल में पैसे जमा करने की चिंता में इलाज में देरी कर देते हैं। यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि पीड़ित को तुरंत मुफ्त इलाज मिले, चाहे उसके पास पैसे हों या नहीं।

​2. योजना की खास बातें

​इलाज की सीमा: प्रत्येक व्यक्ति को प्रति दुर्घटना अधिकतम ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलता है।

​समय सीमा: दुर्घटना के समय से अधिकतम 7 दिनों तक का इलाज कवर किया जाता है।

​पात्रता: यह योजना भारत के सभी नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए भी उपलब्ध है जो भारतीय सड़कों पर दुर्घटना का शिकार होते हैं।

​अस्पताल: इसमें सभी सरकारी और योजना से जुड़े (Empaneled) प्राइवेट अस्पताल शामिल हैं।

​3. यह कैसे काम करती है?

​सूचना: दुर्घटना होने पर एम्बुलेंस या पुलिस को सूचना दी जाती है।

​अस्पताल में भर्ती: पीड़ित को नजदीकी 'ट्रॉमा सेंटर' या अस्पताल ले जाया जाता है।

​कैशलेस इलाज: अस्पताल को पीड़ित से पैसे मांगने की अनुमति नहीं होती। अस्पताल इसका क्लेम सीधे सरकार (NHAI या स्वास्थ्य मंत्रालय) से करता है।

​आयुष्मान भारत कनेक्शन: यह योजना 'आयुष्मान भारत - प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के ढांचे के साथ मिलकर काम करती है, जिससे दावों का निपटान आसान हो जाता है।

​जरूरी बात: इस योजना का लाभ उठाने के लिए पीड़ित के पास पहले से कोई बीमा पॉलिसी होना अनिवार्य नहीं है। सरकार का लक्ष्य सड़क हादसों में होने वाली मौतों की संख्या को कम करना है।

Share:

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Featured Post

महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज का शानदार परिणाम, 98 में 97 छात्र उत्तीर्ण

       देवरिया 25 जून । महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम बैच का परिणाम घोषित हुआ है। एमबीबीएस छात्रों ने 99 प्रतिशत सफलता ...

Definition List

Business

Unordered List

Technology

Support

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit.

Our Company Inc. 1238 S . 123 St.Suite 25 Town City 3333 Phone: 123-456-789 Fax: 123-456-789