बाराबंकी।
*पत्रकारिता के नाम पर जो तमाशा चल रहा था आखिरकार चढ़ा पुलिस की हत्थे*
*खुद को यूट्यूब का अर्नब समझने वाले ब्लैकमेलिंग गिरोह को बाराबंकी पुलिस ने ऐसा फ्रेम में कैद किया कि अब अगला वीडियो सीधा जेल की दीवारों से आएगा।*
*महिला यूट्यूबर रूबी अवस्थी और उसके तीन ‘सहयोगी पत्रकार जो खबर के नाम पर ब्लैकमेलिंग का धंधा करते थे।*
यह पूरा यूट्यूब नेटवर्क गोंडा,लखनऊ,अयोध्या से लेकर बाराबंकी तक फैला हुआ था जो आज अयोध्या तो कल बाराबंकी परसों गोंडा
बताते चलें कि विशाल गुप्ता और मनीष उर्फ सम्राट जैसे पुराने हिस्ट्रीशीटर अपना इतिहास छुपाने के लिए कैमरा और माइक का लिया सहारा
*सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये लोग खबर न चलाने की कीमत वसूलते थे यानी खबर चलेगी तो बदनामी, नहीं चलेगी तो पेमेंट विशेष सूत्र--
पुलिस ने तो कार और मोबाइल जब्त कर लिए पर असली जब्ती उस नकली पत्रकारिता की हुई है।
थाना सफदरगंज की कार्रवाई सिर्फ चार गिरफ्तारी नहीं है, यह उन तमाम ‘फर्जी प्रेस कार्ड धारकों’ के लिए चेतावनी है जो यूट्यूब को कानून से ऊपर समझ बैठे हैं।
फिलहाल इतना तय है— अब कैमरा डराएगा नहीं, बल्कि हो रहे भ्रष्टाचार को बेनकाब करेगा







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