देवरिया 23 जनवरी।पुलिस लाइन देवरिया स्थित प्रेक्षागृह में शुक्रवार को ‘‘बाल विवाह मुक्त भारत’’ राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत चल रहे 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम (27 नवम्बर 2025 से 08 मार्च 2026) के तहत विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की जनवरी माह की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर पुलिस अधीक्षक एवं प्रभारी विशेष किशोर पुलिस इकाई आनन्द कुमार पाण्डेय ने की, जबकि संचालन संरक्षण अधिकारी जिला बाल संरक्षण इकाई जय प्रकाश तिवारी ने किया।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि बाल विवाह उन्मूलन एक सामाजिक दायित्व है और इसमें सभी विभागों व नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस विभाग के अंतर्गत सभी थानों पर नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी नियमित रूप से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें तथा लोगों को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाएं। साथ ही सभी पुलिस कर्मियों से ऑनलाइन प्रतिज्ञा पत्र डाउनलोड कर शपथ लेने की अपील की।
जिला परिवीक्षा अधिकारी अनिल कुमार सोनकर ने बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए अभियान को सफल बनाने में सामूहिक सहयोग का आह्वान किया। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बच्चों के आयु एवं स्वास्थ्य परीक्षण संबंधी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सावित्री राय ने जन-जन की सहभागिता पर बल देते हुए बाल विवाह निषेध कानूनों के बारे में बताया। राजकीय बाल गृह (बालक) के अधीक्षक श्री राम कृपाल ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई और दंडनीय अपराध बताते हुए इसके दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला।
वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक नीतू भारती, मनोवैज्ञानिक मीनू जायसवाल तथा सपोर्ट पर्सन विभा पाण्डेय ने अभियान के अंतर्गत संचालित जनजागरूकता गतिविधियों एवं अपनी-अपनी भूमिकाओं की जानकारी दी।
बैठक में बताया गया कि अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा, आईसीडीएस, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, स्वैच्छिक संगठन, सिविल सोसाइटी, धार्मिक प्रतिनिधि एवं विवाह स्थल प्रबंधकों को शामिल करते हुए जिला संचालन समिति का गठन किया गया है।
बैठक में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका अथवा 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह कराना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए एक लाख रुपये तक जुर्माना एवं दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। उपस्थित सभी प्रतिभागियों को ‘बाल विवाह रोकथाम योद्धा’ के रूप में अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई तथा आपात स्थिति में 181 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 112 पुलिस हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी दिनेश कुमार, बाल कल्याण समिति सदस्य विवेकानन्द मिश्र, प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार वर्मा, श्रम विभाग के पंकज मिश्रा, चाइल्ड हेल्पलाइन के श्री अमित उपाध्याय, महिला कल्याण विभाग के अरबिन्द यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सभी थानों के नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।








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