*आयुष्मान आरोग्य मंदिर भरहे चौरा में पीएसपी के सहयोग से प्रभावित अंग की देखभाल के लिए दिया गया प्रशिक्षण
देवरिया, 19 दिसंबर, 2025। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भटनी ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिर भरहेचौरा में सीएचओ के नेतृत्व में गठित पीएसपी (पेशेंट स्टेक होल्डर प्लेटफार्म) के सदस्य सहयोग से फाइलेरिया मरीजों को शुक्रवार को एमएमडीपी प्रशिक्षण दिया गया। मरीजों को रुग्णता प्रबंधन और विकलांगता निवारण कीट का वितरण किया गया, जिससे वह घर पर ही अपने घावों और पैरों की बेहतर देखभाल कर सकें। इसके साथ ही व्यायाम करने के टिप्स दिए गए। इस दौरान 20 फाइलेरिया मरीजों को एमएमडीपी कीट का वितरण किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद सहायक मलेरिया अधिकारी नवीन प्रकाश भारती ने कहा कि फाइलेरिया प्रभावित अंग की साफ सफाई और व्यायाम से सूजन को कम किया जा सकता है। उन्होंने बीमारी की गंभीरता के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है तो उसे भी संक्रमित कर देता, लेकिन संक्रमण के लक्षण पांच से 15 वर्ष में उभरकर सामने आते हैं। इससे व्यक्ति के हाथ-पैर में सूजन की शिकायत होती है या फिर अंडकोष में सूजन आ जाती है।महिलाओं को स्तन के आकार में परिवर्तन हो सकता है। शुरुआत में रोग की पहचान होने पर इसे रोका जा सकता है। इस बीमारी से साल में एक बार लगातार पांच साल दवा के सेवन से बचा जा सकता है। पीएसपी सदस्य सीएच वंदना ने फाइलेरिया मरीजों को हाथी पांव की नियमित सफाई, सूजन कम करने के उपाय, और संक्रमण से बचाव की जानकारी दी। बताया कि समय पर देखभाल से इस बीमारी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। मरीजों को लगातार साफ-सफाई और उपचार की आवश्यकता होती है। एमएमडीपी किट उनके लिए बहुत सहायक साबित होगी। सीएचओ ने किट में मौजूद सामग्री जैसे साबुन, टावेल, एंटीसेप्टिक व अन्य उपकरणों के उपयोग की विधि करके दिखाया व मरीजों को समझाया।
कार्यक्रम में सहयोग संस्था सीफार के जिला प्रतिनिधि सहित पीएसपी सदस्य ग्राम प्रधान अशोक, आशा, आंगनबाडी, फाइलेरिया मरीज, कोटेदार सहित ग्रामीण मौजूद रहे।








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