बिहार चुनाव के मतगणना पर टीवी के स्क्रीन व न्यूज़ पर लोगों की नजरें गडी थी इसी बीच में चुनाव आयोग के स्क्रीन पर एक गडबडी नजर आयी जो सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा मिनटों में वायरल हो गया और लोग सवाल करने लगे कि आखिर ऐसा हो कैसे गया?
जब 14 वोट वाला उम्मीदवार सबसे आगे दिखा
सुबह-सुबह वेबसाइट पर एक ऐसा दृश्य दिखा जिसने चुनावी तनाव के बीच हल्का-सा हास्य का माहौल भी बना दिया। प्लुरल्स पार्टी की पुष्पम प्रिया के खाते में अचानक एक सीट पर बढ़त दिखाई दी। लेकिन जैसे ही उस सीट पर क्लिक किया गया, पता चला कि उम्मीदवार सत्य प्रकाश को तो उस समय तक केवल 14 वोट ही मिले थे।
इतना ही नहीं, उसी सीट पर RJD के दीपू सिंह को 2960 वोट मिले होने के बावजूद उनकी बढ़त "जीरो" दिखाई दे रही थी। कई सीटों पर तो आगे चल रहे उम्मीदवारों के नाम के आगे "Lost" लिखा नजर आ रहा था, मानो चुनाव नतीजों के साथ कोई तकनीकी शरारत हो गई हो।
12 वोट पाने वाला पीछे, पर आगे वाला 'हार गया'?
गड़बड़ी यहीं नहीं रुकी। महज 12 वोट पाने वाले अभिषेक कुमार को पीछे दिखाया गया, जबकि उनकी तुलना में हजारों वोट पाने वाले उम्मीदवारों को भी "Lost" का टैग लगा दिया गया। आगे बढ़ते-घटते आंकड़ों के बीच एकमा सीट पर भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां निर्दलीय जितेंद्र कुमार कन्नौज को बढ़त दिखाई गई, जबकि उनके खाते में सिर्फ 54 वोट दर्ज थे। मतगणना के बीच हुई यह त्रुटि लोगों के लिए मज़ाक का विषय भी बनी और चिंता का कारण भी।
कुछ ही देर में साफ हुई तस्वीर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीकी दिक्कत या डेटा फीडिंग में गड़बड़ी के कारण हुआ। चुनाव आयोग ने तुरंत इसे ठीक किया और कुछ ही मिनटों में समस्याएं गायब हो गईं। हालांकि इस छोटे से व्यवधान ने दिखा दिया कि चुनावी आंकड़ों के पीछे तकनीक भी कितना अहम रोल निभाती है।
रुझानों में NDA की बढ़त, RJD को बड़ा झटका
गड़बड़ी दूर होने के बाद सुबह 9:55 तक जो रुझान सामने आए, उन्होंने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी। जेडीयू 55 सीटों पर आगे थी और भाजपा 49 सीटों पर बढ़त बनाए हुए। उधर तेजस्वी यादव की RJD को तगड़ा झटका लगता दिख रहा था और पार्टी सिर्फ 28 सीटों पर ही आगे थी। मतगणना जारी है, रुझान तेज़ी से बदल रहे हैं और बिहार की राजनीति का आज का दिन ऐतिहासिक साबित होने वाला है।








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