*पू.वि.प. के सचिव राणा प्रताप सिंह ने जताई प्रसन्नता, कहा – अब खत्म होगा असमंजस*
रुद्रपुर (देवरिया)। शिक्षा निदेशालय (बेसिक) द्वारा अशासकीय प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूलों की स्थायी मान्यता को लेकर जारी ताज़ा आदेश ने निजी विद्यालय संचालकों में उत्साह और राहत का माहौल पैदा कर दिया है। लम्बे समय से विभागीय अधिकारियों और निजी स्कूल संचालकों के बीच इस विषय पर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
विभागीय स्तर पर 2013 के शासनादेश के तहत मान्यता प्राप्त विद्यालयों को लेकर यह भ्रम था कि उन्हें स्थायी मान्यता प्राप्त है या नहीं। इसी आधार पर कई विद्यालयों के यू-डाइस कोड जारी नहीं किए जा रहे थे, जिससे शिक्षण संस्थानों के संचालन और सरकारी योजनाओं से जुड़ने में बाधा आ रही थी। अब शिक्षा निदेशालय के इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 8 मई 2013 के शासनादेश की शर्तों के अनुसार यदि विद्यालयों ने मानक पूरे किए हैं तो उन्हें स्थायी मान्यता प्राप्त मानी जाएगी।
पूर्वांचल विद्यालय परिषद के सचिव राणा प्रताप सिंह ने इस आदेश पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि, यह निर्णय निजी विद्यालयों के हित में ऐतिहासिक कदम है। वर्षों से जो असमंजस शिक्षकों, प्रबंधकों और अधिकारियों के बीच बना हुआ था, वह अब समाप्त होगा। शिक्षा की निरंतरता और पारदर्शिता दोनों को यह आदेश नया आधार देगा। उन्होंने यह भी कहा कि परिषद लंबे समय से इस विषय को उठाती रही है और आज शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश ने निजी विद्यालयों में नई ऊर्जा भर दी है। अब सभी विद्यालय निर्भय होकर शैक्षणिक कार्य संपादित कर सकेंगे।







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