जिला कृषि अधिकारी ने अवगत कराया है कि भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराए जाने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया गया है। अब गैर-ऋणी कृषक 14 अगस्त 2025 तक तथा ऋणी कृषक 31 अगस्त 2025 तक योजना में सम्मिलित होकर अपनी फसल का बीमा कर सकते हैं।
खरीफ मौसम की अधिसूचित फसलों के लिए बीमा कराना किसानों के हित में अत्यंत आवश्यक है। ऋणी कृषकों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपनी संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर यह सुनिश्चित करें कि उनकी फसल का बीमा किया गया है या नहीं। यदि अब तक बीमा नहीं हुआ है, तो नियमानुसार शीघ्र बीमा कराते हुए बैंक को सूचित करें।
गैर-ऋणी कृषकों को स्वयं बीमा के लिए आगे आना होगा। इसके लिए उन्हें स्वप्रमाणित फसल बुआई घोषणा-पत्र, नवीनतम खतौनी की नकल, बैंक पासबुक की छायाप्रति (आईएफएससी कोड सहित) के साथ निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर या बैंक शाखा में जाकर निर्धारित प्रीमियम राशि जमा कर बीमा कराना होगा।
यह योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, असामयिक वर्षा, कीट एवं रोगों, ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन जैसी परिस्थितियों में फसल को हुई क्षति के लिए क्षतिपूर्ति प्रदान करती है। इसके तहत फसल की बुआई न हो पाने, बुआई की विफलता, फसल की मध्य अवस्था में क्षति, या कटाई उपरांत 14 दिन तक खेत में सुखाई के दौरान ओलावृष्टि या चक्रवात जैसी घटनाओं से नुकसान होने पर भी बीमा कवर उपलब्ध होता है। किसान यदि अपनी बीमित फसल में क्षति पाते हैं तो वे क्षति की घटना के 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर सूचना दर्ज करा सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के समस्त कृषकों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय पर बीमा कराकर अपनी फसलों को सुरक्षित करें।







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