*1947 के विभाजन में शहीद हुए लाखों लोगों की स्मृति को किया नमन*
देवरिया, 14 अगस्त।विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर 1947 के ऐतिहासिक विभाजन में अपनी जान गंवाने वाले लाखों व्यक्तियों के सम्मान में आज एक मौन जुलूस का आयोजन किया गया। यह जुलूस न्यू कॉलोनी स्थित पार्क से प्रारंभ होकर जलकल रोड, कोतवाली रोड होते हुए राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) पहुँचा, जहाँ विभाजन की त्रासद गाथा को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
प्रदर्शनी में विभाजन की त्रासदी को चित्रों, दस्तावेजों और राष्ट्रीय अभिलेखागार से प्राप्त अभिलेखों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इसमें अंग्रेजों की भूमिका, मुस्लिम लीग की नीति, बेघर होते लोग, तत्कालीन प्रेस की दृष्टि और महिलाओं पर हुए अत्याचार जैसे ऐतिहासिक पहलुओं को विस्तार से दर्शाया गया।
जिलाधिकारी श्रीमती दिव्या मित्तल एवं पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत वीर ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थित जनसमूह के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि “विभाजन की पीड़ा शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। यह प्रदर्शनी हमें इतिहास की उन त्रासद घटनाओं से रूबरू कराती है, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता।”
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि “1947 का विभाजन भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा जनविस्थापन था, जिसमें लोगों की जान गई लोग पाकिस्तान से भारत आए। बड़ी संख्या में लोग बेघर हुए और महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ, जो इतिहास का काला अध्याय है।”
इस अवसर पर ईओ नगरपालिका, जिला विद्यालय निरीक्षक, जीआईसी के प्रधानाचार्य सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं एवं आमजन उपस्थित रहे।







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