*एक हफ्ता हो गया जब मैंने प्रधानमंत्री जी के साथ बहस का निमंत्रण स्वीकार किया था।*
*अब तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। वो बस ‘मित्र मीडिया’ के पारिवारिक माहौल में ‘स्क्रिप्टेड इंटरव्यूज़’ देने में व्यस्त हैं।
*क्यों मोदी जी, असली मुद्दों पर बात करने में डर लगता है क्या..?






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