आतंक का पर्याय रहे माफिया डॉन अतीक अहमद की कभी तूती बोलती थी। जरायम की दुनिया में पकड़ और राजनीतिक रसूख की वजह से हर कोई डरता था। उसकी एक कॉल किसी की भी रातों की नींद उड़ा देती थी। जमीन कब्जा करने से लेकर लूट, हत्या, रंगदारी तक, उसका पेशा था। वो हर काम पुलिस और प्रशासन को चुनौती देकर करता था, लेकिन मजाल की कोई उसका बाल भी बांका कर पाए. मगर आज उसका काला अतीत पीछा नहीं छोड़ रहा है. उसकी हत्या के बाद भी उसका नाम किसी न किसी मामले में सामने आ ही जाता है. सबसे बड़ी बात जिन संपत्तियों को उसने अपने बाहुबल के जरिए कब्जाया था, कमजोरों और गरीबों से छीना था, आज वो सब या तो कुर्क हो रही हैं या फिर उन पर 'बाबा का बुलडोजर' चल रहा है।







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