पटना।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना यूनिवर्सिटी में एक उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान गिर गए। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें संभाल लिया। उनके साथ राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर भी मौजूद थे।हालांकि इस घटना में नीतीश कुमार को कोई चोट नहीं आई है। सीनेट हॉल के उद्घाटन के बाद नीतीश कुमार ने शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल यहां बैठे हैं। मैं उन्हें खुद यूनिवर्सिटी दिखाऊंगा।
नीतीश कुमार ने राज्यपाल को कहा कि आपसे मिलते हैं, तो हमको बहुत अच्छा लगता है, जब मौका मिलेगा तो हम आपको घुमाएंगे। परमिशन हैं ना आपकी। चलिएगा ना मेरे साथ? राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की बातों को मैं ध्यान में रखूंगा उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने का आश्वासन दिया। राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री और राजभवन के बीच कोई टकराव नहीं है।
दरअसल, पटना विश्वविद्यालय में आज शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था। इस दौरान पटना विश्वविद्यालय के नए सीनेट हॉल का भी उद्घाटन किया जाना था। कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों को आमंत्रित किया गया था।
नीतीश कुमार जब स्टेज पर पहुंचे तो सीनेट हॉल का उद्घाटन के दौरान उनके पांव फिसल गया और सीएम स्टेज पर गिर पड़े। उसके बाद सीएम सुरक्षा में लगे अधिकारी अनान - फानन में नीतीश कुमार को संभाला और नीतीश वापस से उठ खड़े हुए फिर सीनेट हॉल का उद्घाटन किया।
इस मौके पर पटना विश्वविद्यालय के 35 रिटायर्ड शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही 21 शिक्षकों और कर्मचारियों को भी पुरस्कृत किया गया।
यूनिवर्सिटी में बिताए पुराने दिनों को किया याद-नीतीश कुमार ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि पटना विश्वविद्यालय भारत का सातवां विश्वविद्यालय है। हम तो पहले ही इसमें पढ़े थे। जब यह बना था तो पूरे भारत में मात्र सात ही विश्वविद्यालय थे। अब इसके 106 साल पूरे हो गए हैं। शुरू से ये विश्वविद्यालय शिक्षा और शोध में अपना योगदान देता रहा।
यूनिवर्सिटी को राष्ट्रीय मान्यता मिलनी चाहिए-नवनिर्मित सीनेट हॉल के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा की जब जेपी मूवमेंट शुरू हुआ था तो यहीं से हुआ था। उस वक्त देश दुनिया के लोग यहीं आते थे और यहीं पर बैठते थे। ये बहुत सुंदर जगह है। जब हम यहां कुछ दिन पहले आए तो देखे कि ये टूटा हुआ था तो हमने कहा की इसको ठीक करवाए। इसी में शिक्षक दिवस का कार्यक्रम होगा। हमारे लिए यह पुरानी जगह है। बहुत लगाव है, इस जगह से। हम तो शुरू से चाहते थे कि इसको राष्ट्रीय मान्यता मिल जाता, लेकिन नहीं मिली।
देश में नहीं होगा पटना मेडिकल कॉलेज जैसा अस्पताल- मुख्यमंत्री ने कहा कि पटना मेडिकल कॉलेज को बहुत बड़ा बनवा रहे हैं। 5462 बेड का मेडिकल कॉलेज बनवा रहे हैं। जो इस देश ही नहीं पूरे दुनिया में ऐसा कही नहीं है। इसका एक तरफ का काम पूरा हो गया है।







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