*बुंदेलखंड से खरगापुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राहुल लोधी व बघेलखंड से रीवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेंद्र शुक्ला का मंत्रिमंडल रेस में लगा ब्रेक
*पंकज पाराशर छतरपुर
मध्य प्रदेश में होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर तलवार लटक गई है। पार्टी में कलह के चलते फिलहाल कैबिनेट का विस्तार रुका हुआ है। जानकारों की मानें तो मुख्यमंत्री शिवराज अपनी पसंद के नेताओं को मंत्री बनाना चाहते हैं, जिस पर 'टीम मोदी' ने रोक लगा दी है।
मध्य प्रदेश में बीते रोज साढ़े 10 बजे खबर आई कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह गुपचुप तरीके से राजभवन पहुंचे और राज्यपाल मंगुभाई पटेल से चर्चा की। इसके बाद प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहाट फैल गई। गौरीशंकर बिसेन को संदेश भेजा गया कि वे भोपाल न छोड़ें। रीवा विधानसभा क्षेत्र से विधायक राजेंद्र शुक्ल को भी राजधानी भोपाल बुला लिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे खरगापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक राहुल लोधी को भी भोपाल आने का संदेश भेज दिया गया। सब कुछ सही चल रहा था। शुक्रवार सुबह शपथ होनी थी, लेकिन गुरुवार देर रात इस मंत्रिमंडल विस्तार पर ग्रहण लग गया।
दरअसल, महाकौशल, विंध्य, ग्वालियर—चंबल और बुंदेलखंड के जिन नेताओं को मंत्री बनाने की बात हो रही थे, वे पूर्व में भी मंत्रीपद की मलाई चाट चुके हैं। इतना ही नहीं, गौरीशंकर बिसेन तो अभी भी पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हैं। यह पद कैबिनेट मंत्री के दर्जे का है। बुंदेलखंड में राहुल लोधी को मंत्री बनाया जाने का निर्णय केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को नागवार गुजरा। पार्टी में कलह मच गई। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ शब्दोसदस्य इमरती देवी को भी मंत्री पद दिया जाए। ऐसे में ऐन चुनाव के तीन महीने पहले मची उथल पुथल के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार टाल दिया है। अब राजनीतिको का दावा है कि सीएम शिवराज दोबारा बैठक करेंगे। उसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है, यह भी संभव है कि वह दिन आए ही न। दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने करीबी सिपहसालार राजेंद्र शुक्ला और गौरी शंकर बिसेन को मंत्री बनाना चाह रहे थे। पार्टी के नेताओं को शिवराज की यही बात पसंद नहीं आई। बताया जाता है कि बीजेपी आलाकमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी अनुमति नहीं दी।







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