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मंगलवार, 4 जनवरी 2022

हिंदुस्तान एक गुलदस्ते की तरह है जिसमें हर जाति हर धर्म जाति के लोग बसते हैं और एक दूसरे के दुख सुख में शामिल होते-पूर्व विधायक सनातन पांडेय



बलिया। हमारा हिंदुस्तान एक गुलदस्ते की तरह है जिस तरह एक गुलदस्ते में तरह-तरह के फूल हुआ करते हैं, उसी तरह हमारा भारत है जिसके  गुलदस्ते में  हर धर्म हर जात,हर धर्म के लोग बगैर भेदभाव मिलजुलकर रहते हैं।साथ  ही एक दूसरे के दुख सुख में शामिल होकरसुख-दुख बांटते हैं। यही मेरे मुल्क की संस्कृति है। जिसकी बदौलत पूरे विश्व में हमारी अपनी अलग पहचान है।उक्त बातें पूर्व मंत्री, विधायक सनातन पांडेय के घर  पर आयोजित 13 वर्ष पूर्व आकस्मिक दुर्घटना में अकाल के गाल में समा गये परिवार जन, जिनकी पुण्यतिथि के अवसर पर कहीं ।श्री पांडेय ने कहा कि आज आप लोग देख रहे हैं कि हमारी इस दुख की घड़ी में हर वर्ग हर दल और  पार्टी और जाति  बंधन से  ऊपर उठकर हजारों लोग हमारे इस दुख की घड़ी में शामिल होकर हमें अपार शक्ति प्रदान कर रहे है।उन्होंने कहाकि कुछ लोग जाति धर्म के आधार पर देश कि इस सौहार्द पूर्ण परंपरा को तोड़ना चाहते हैं।वो यह भी जानते है के उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। कुछ पार्टियां है जो सत्ता पाने के लिए तरह-तरह के द्वेष फैलाया करती हैं, पर यह देश संविधान से चलने वाला देश है ।हमारे देश का जो बड़ा त्यौहार है 15 अगस्त और 26 जनवरी इस पर्व पावन पर्व को हर वर्ग हर जाति के लोग मनाते हैं।इसी तरह एक दूसरे के त्योहारों को भी मिलजुलकर मनाया करते हैं। अगर कहीं दूर भी हैं तो भी वह  दूर रहकर भी प्रत्येक पर्व को खुशी के साथ मनाया करते हैं।

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