बीएसएल-2 लैब में होती है आरटीपीसीआर सैंपल की जांच
लैब में कार्मिकों की संख्या बढ़ाई गई
समयबद्ध आरटीपीसीआर रिपोर्ट देने का निर्देश
देवरिया (सू0वि0) 13 जनवरी। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में अवस्थित बायोसेफ्टी लैब-2 के संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन तथा सीएमओ कार्यालय के उत्तरदायित्व निर्धारित कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने इन दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि बीएसएल-2 लैब में कोविड-19 सैम्पलों की आरटीपीसीआर जाँच की जाती है। जनपद के नोडल अधिकारी के भ्रमण के दौरान कुछ कमिया मिली थी, जिनको दूर करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि बीएसएल-2 लैब के प्रभारी के रूप में डॉक्टर शकील अहमद कार्य करेंगे तथा उनके सहयोग के लिए डॉक्टर आरपी यादव को सह प्रभारी के रूप में तैनात किया गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान समय में जिला अस्पताल देवरिया में कोविड सैंपलिंग के कार्य में लगे 7 लैब टेक्नीशियन व लैब असिस्टेंट में से 03 कर्मियों को मुख्य चिकित्साधिकारी बीएसएल लैब में तैनात करेंगे। सैंपल की गणना स्टोरेज एवं सुरक्षा हेतु आवश्यक अतिरिक्त संसाधन सीएमओ द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। सीएमओ को बीएसएल-2 लैब में सभी आवश्यक मशीनें क्रियाशील रखने एवं सभी आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।
लैब में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने का उत्तरदायित्व मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को सौंपा गया है। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया है की लाइफ में किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश न होने दिया जाये।
जिलाधिकारी ने लैब में शिफ्टवार तैनात सभी कार्मिकों की दैनिक उपस्थिति की सूचना व्हाट्सएप के माध्यम से स्वयं उन्हें अवगत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बीएसएल-2 लैब कोविड-19 टेस्टिंग की दृष्टि से जनपद के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है। लैब प्रभारी को समयबद्ध आरटीपीसीआर रिपोर्ट जारी करने और लैब का पूरी क्षमता के साथ उपयोग करने का निर्देश भी दिया गया है।






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