सोमवार, 6 दिसंबर 2021
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दुनिया का सबसे बड़ा सीमाओं की रक्षा करने वाला बल बीएसएफ है- अमित शाह
जैसलमेर । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि पुलवामा और उरी में हमलों के बाद सीमा पार हमले करने का "कड़ा निर्णय" लेने के बाद मोदी सरकार ने दिखाया कि कोई भी भारत की सीमाओं और जवानों को हल्के में नहीं ले सकता है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 57वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर शाह ने यहां कहा कि मोदी सरकार के लिए, सीमा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा है। शाह ने यहां शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में कहा, “प्रधानमंत्री (नरेंद्र) मोदी के नेतृत्व में इस सरकार ने 2014 से सीमा सुरक्षा को एक अलग महत्व दिया है। अगर हमारी सीमाओं को लांघा गया या कहीं भी सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया, तो हमने तुरंत जवाब दिया। हमने दिखाया कि कोई भी हमारी सीमाओं और जवानों को हल्के में नहीं ले सकता है।” बीएसएफ की स्थापना 1 दिसंबर, 1965 को हुई थी, और यह पहली बार दिल्ली के बाहर और पाकिस्तान की सीमा से लगे इस रणनीतिक रेगिस्तानी शहर में अपना स्थापना दिवस समारोह आयोजित कर रहा है। परेड की सलामी लेने के बाद, शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने भारतीय सैनिकों पर पुलवामा (2019) और उरी हमलों (2016) के बाद हवाई हमला और सर्जिकल स्ट्राइक करने का "कड़ा निर्णय" लिया। उन्होंने कहा, “हमारी कार्रवाई की दुनिया ने तारीफ की।” मंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि कोई भी देश तभी आगे बढ़ सकता है और समृद्ध हो सकता है, जब उसकी सीमाओं की रक्षा हो और बीएसएफ तथा अन्य सुरक्षा बल इस क्षेत्र में एक "बढ़िया कार्य" कर रहे हैं। देश की सीमाओं पर ड्रोन से हाल के खतरे के बारे में बात करते हुए, अमित शाह ने कहा कि "सैनिकों की सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम वैश्विक प्रौद्योगिकी प्रदान करने की” सरकार ने प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा, “हम इस दिशा में काम कर रहे हैं, बीएसएफ, एनएसजी और डीआरडीओ संयुक्त रूप से स्वदेशी ड्रोन रोधी प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए काम कर रहे हैं और इसे जल्द ही सामने लाया जाएगा।” शाह ने कहा कि सीमा पर अच्छा बुनियादी ढांचा विकसित करना स्वाभाविक रूप से सीमा सुरक्षा से जुड़ा है और उनकी सरकार ने दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ इन संपत्तियों का निर्माण करने का






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